वाराणसी: 40 लाख की जमीन डील में बड़ा फर्जीवाड़ा, कथित पत्रकार सहित तीन पर मुकदमा✍️विकाश मिश्रा
वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के रमना में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने खुद को पत्रकार बताने वाले एक युवक समेत तीन लोगों के खिलाफ जालसाजी, कूटरचना और धमकी देने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले के मुख्य बिंदु
स्थान: लंका थाना क्षेत्र, वाराणसी
पीड़ित पक्ष: करण पटेल (निवासी: रमना)
आरोपी: बसंत लाल पटेल, संतोष साहनी (कथित पत्रकार) और विनोद सिंह
मुख्य आरोप: फर्जी हस्ताक्षर कर इकरारनामा तैयार करना, लाखों रुपये हड़पना और विरोध करने पर धमकी देना।
पूरी खबर: एडवांस और किश्तों के नाम पर वसूली
रमना निवासी करण पटेल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता की जमीन बेचने के नाम पर आरोपियों ने पहले एडवांस रकम ली। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में मोटी रकम बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। आरोप है कि मुख्य आरोपी बसंत लाल पटेल ने लाखों रुपये अपने करीबी विनोद सिंह के खाते में भी डलवा दिए।
जब पीड़ित पक्ष को गड़बड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे, तो मामला गंभीर हो गया। बताया जा रहा है कि पूर्व में हुई शिकायत के बाद आरोपियों ने कुछ रकम वापस भी की थी, लेकिन खेल यहीं खत्म नहीं हुआ।
फर्जी हस्ताक्षर से बनाया 'सट्टा इकरारनामा'
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने बाद में उनके फर्जी हस्ताक्षर कूट रचित (Forged) तरीके से किए और एक 'सट्टा इकरारनामा' तैयार कर लिया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर पीड़ित पर 40 लाख रुपये की डील को पूरा करने का दबाव बनाया जाने लगा।
जान से मारने की धमकी: करण पटेल के अनुसार, जब उन्होंने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया और अपनी बाकी रकम मांगी, तो आरोपियों ने उन्हें भुगतने और जान से मारने की धमकियां दीं। इस पूरे खेल में खुद को पत्रकार बताने वाला संतोष साहनी भी मुख्य रूप से शामिल है।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर लंका थाना पुलिस ने बसंत लाल पटेल, संतोष साहनी और विनोद सिंह के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन और इकरारनामे के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
