केंद्रीय कारागार वाराणसी में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला

  90 बंदियों की हुई काउंसलिंग


वाराणसी। केंद्रीय कारागार वाराणसी में बुधवार को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित संस्था 'नई सुबह' द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 90 बंदियों की काउंसलिंग करते हुए मानसिक रोगों के लक्षण, कारण एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

संस्था के निदेशक एवं मनोचिकित्सक डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि मानसिक तनाव व्यक्ति में नकारात्मक सोच को जन्म देता है, जिससे चिड़चिड़ापन बढ़ता है और कई बार व्यक्ति आत्मघाती विचारों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि समय रहते मानसिक समस्याओं की पहचान और उचित परामर्श से इनसे बचा जा सकता है। इस दौरान श्रीमती अर्पिता मिश्रा, खुशी गुप्ता, पारुल मिश्रा, ईशान सिंह एवं रालिका तिवारी ने भी बंदियों का मार्गदर्शन किया। काउंसलिंग के साथ-साथ गुब्बारों एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से तनाव दूर करने के व्यावहारिक तरीके भी बताए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने कहा कि तनाव से मुक्ति का सबसे सरल उपाय मन और शरीर के बीच संतुलन बनाए रखना तथा सकारात्मक सोच विकसित करना है। उन्होंने संस्था की टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श मिलता रहे।

इस अवसर पर जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अशोक कुमार राय, फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित कारागार के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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