करोड़ों की ठगी करने वाली मेडेलियन ज्वेलर्स पर पुलिस का शिकंजा !

पांच पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज 

विनय मौर्या 


वाराणसी। निवेश पर आकर्षक रिटर्न और सोने पर भारी कैशबैक का लालच देकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये और सोना जुटाने के आरोपों में घिरी नेटवर्किंग कंपनी मेडेलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ा आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। साइबर क्राइम थाना, लखनऊ में कंपनी के सीईओ सहित पांच लोगों के विरुद्ध ठगी, जालसाजी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मुकदमा  मानवेंद्र तिवारी की तहरीर पर दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंपनी ने सीधे तौर पर दर्जनों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है, जबकि प्रभावित निवेशकों की संख्या हजारों में होने की आशंका जताई जा रही है।

10 से 20 महीने में रकम दोगुनी करने का झांसा

एफआईआर के अनुसार, मानवेंद्र तिवारी सितंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक कंपनी के दिल्ली कार्यालय में लीडरशिप ट्रेनर के रूप में कार्यरत थे। शुरुआत में कंपनी सोने की खरीद पर आकर्षक कैशबैक देकर लोगों का विश्वास जीतती रही। बाद में निवेश योजना शुरू कर 10 से 20 महीने में रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देकर लोगों से बड़ी मात्रा में धन जुटाया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने कंपनी प्रबंधन को इस कथित पोंजी स्कीम को बंद करने की सलाह दी तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई और निवेशकों का डेटा भी हटाए जाने का आरोप है।

वाराणसी में स्थापना दिवस से पहले खुला खेल

जानकारी के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर नया नाम अपनाकर "श्री मेडालियन ज्वेलर्स" के माध्यम से दोबारा लोगों को जोड़ने की तैयारी कर रहे थे। इसी क्रम में 5 जुलाई को वाराणसी में कंपनी के छठे स्थापना दिवस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार किया गया। नागरी नाटक मंडली में आयोजित कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किए जाने की चर्चा थी।

इस बीच शिकायतकर्ता मानवेंद्र तिवारी ने 30 जून को पीएमओ तथा 3 जुलाई को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया।

पुलिस पहुंची तो मची अफरा-तफरी, आरोपी हुए फरार

रविवार को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही साइबर क्राइम की टीम एसीपी के नेतृत्व में नागरी नाटक मंडली पहुंच गई। वहां मौजूद निवेशकों ने भी विरोध शुरू कर दिया। पुलिस की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही मुख्य आरोपी और उनके सहयोगी मौके से फरार हो गए।

इन पांच लोगों का नाम है मुकदमें में

साइबर थाना पुलिस ने निम्न आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है

सत्यजीत कुमार (सीईओ)

कृष्ण गौर

राहुल देव रजक

आनंद पांडेय

अजीत पांडेय

पुलिस अब कंपनी के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और नई वेबसाइट की जांच कर रही है ताकि निवेशकों की रकम और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

गौरतलब है...

गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण को अचूक रणनीति समाचार पत्र ने सबसे पहले प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। समाचार पत्र ने लगातार अभियान चलाकर निवेशकों को आगाह किया कि आकर्षक रिटर्न और कैशबैक के नाम पर संचालित इस नेटवर्किंग मॉडल से सावधान रहें। अचूक रणनीति का उद्देश्य निवेशकों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना और उन्हें संभावित धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाना था। अब साइबर थाना में दर्ज मुकदमे के बाद समाचार पत्र द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी मुहर लगती दिखाई दे रही है।

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