वाराणसी। वाराणसी पुलिस इन दिनों जुए के अड्डों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है।
सिगरा क्षेत्र में एसओजी-2 ने जुआ सिंडिकेट का खुलासा करते हुए 47 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और लाखों रुपये की नकदी बरामद की। पुलिस की इस कार्रवाई से जुआ संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
लेकिन सवाल यह है कि जब शहर के दूसरे इलाकों में जुए के अड्डों पर पुलिस और एसओजी की कार्रवाई हो रही है, तो रोहनिया में आकाश सिंह मोनू का कथित जुआ सिंडिकेट कब बंद होगा।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि रोहनिया क्षेत्र में आकाश सिंह मोनू के नाम से जुए का अड्डा लंबे समय से संचालित हो रहा है और कार्रवाई के बावजूद यह कथित सिंडिकेट बेखौफ जारी है। इसको लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चाएं हैं।
सबसे गंभीर आरोप स्थानीय पुलिस की कथित भूमिका को लेकर लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय पुलिस के कुछ लोगों के संरक्षण के चलते जुए का यह कारोबार लगातार चल रहा है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह केवल जुआ संचालन का मामला नहीं बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
सिगरा में एसओजी-2 की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस चाहे तो जुए के बड़े अड्डों तक पहुंच सकती है और संचालकों पर कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में रोहनिया में चल रहे कथित जुआ सिंडिकेट को लेकर भी पुलिस की नजर कब पड़ेगी, यह बड़ा सवाल है। आकाश के फ्लैट पर बुकी भी रहते हैं रुद्र,शैलेंद्र, और नन्हा।
अब देखना यह है कि वाराणसी पुलिस रोहनिया में आकाश सिंह मोनू के कथित जुआ सिंडिकेट पर भी उसी तरह कार्रवाई करती है या फिर यह अड्डा स्थानीय संरक्षण के आरोपों के बीच यूं ही बेखौफ चलता रहेगा।
