वाराणसी। भेलूपुर स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम स्थल पर गुरुवार को लोलार्क षष्ठी के अवसर पर
आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बाबा कीनाराम के दर्शन और क्रीं-कुंड में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। बड़ी संख्या में महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना लेकर कुंड में स्नान करने पहुंचीं। पूरे परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और मंदिर परिसर भक्ति के माहौल से सराबोर नजर आया।
अघोराचार्य बाबा कीनाराम के मंत्री सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को बाबा कीनाराम का जन्मोत्सव उनकी जन्मभूमि रामगढ़ में मनाया गया था, जबकि उनकी छठी का आयोजन बाबा कीनाराम की तपस्थली क्रीं-कुंड में किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बाबा कीनाराम स्थल की अपनी विशिष्ट धार्मिक मान्यताएं हैं। श्रद्धालुओं के बीच यहां के क्रीं-कुंड के जल, धूनी और बाबा की समाधि को विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि बाबा कीनाराम ने इस कुंड को आशीर्वाद दिया था। इसी आस्था के चलते नि:संतान महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहां स्नान करने आती हैं।
लोलार्क षष्ठी के दिन काशी के लोलार्क कुंड में स्नान की भी विशेष धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन कुंड में स्नान और पूजा-अर्चना करने से संतान की प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के कारण बाबा कीनाराम धाम और लोलार्क कुंड दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।
बाबा कीनाराम धाम में स्नान के बाद कुछ महिलाएं अपने वस्त्र वहीं छोड़ देती हैं। इसके पीछे भी एक धार्मिक मान्यता जुड़ी है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि शरीर से जुड़ी बाधाएं और कष्ट इन वस्त्रों के साथ दूर हो जाते हैं।
लोलार्क षष्ठी के अवसर पर बाबा कीनाराम धाम में सुबह से लेकर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। श्रद्धालुओं ने कुंड में स्नान कर बाबा कीनाराम के दर्शन किए और सुख-समृद्धि तथा संतान प्राप्ति की कामना की।
