एंजेल्स इन ऑरेंज' के शौर्य को ऐतिहासिक सम्मान: अमित शाह ने एनडीआरएफ को सौंपा 'राष्ट्रपति ध्वज', देश को मिलीं 7 नई सुरक्षा सौगातें

 गाजियाबाद, 14 मई 2026:





उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित 8वीं वाहिनी परिसर में आयोजित एक भव्य और गौरवपूर्ण परेड समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को देश का प्रतिष्ठित “राष्ट्रपति ध्वज” (President's Colour) प्रदान किया। यह सम्मान बल की दो दशकों की उत्कृष्ट सेवा, उच्च व्यावसायिक दक्षता और अद्वितीय मानवीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए देश के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। समारोह में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद (IPS) ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।


शीर्ष अधिकारियों और गणमान्य हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के सुरक्षा ढांचे से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हुए:

  • अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री (मुख्य अतिथि)

  • पीयूष आनंद, महानिदेशक, एनडीआरएफ

  • गोविंद मोहन, केंद्रीय गृह सचिव

  • तपन कुमार डेका, निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)

  • कृष्ण वत्स, सदस्य एवं विभागाध्यक्ष, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)

इनके अलावा विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के महानिदेशक, एनडीआरएफ के पूर्व महानिदेशक, गृह मंत्रालय, सशस्त्र बलों और राज्य आपदा मोचन बलों (SDRF) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित एनसीसी, सिविल डिफेंस, नेहरू युवा केंद्र संगठन और “आपदा मित्र” स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों ने भी इस समारोह की शोभा बढ़ाई।


मात्र 20 वर्षों में 'एंजेल्स इन ऑरेंज' ने रचा इतिहास

19 जनवरी 2006 को अपनी स्थापना के बाद से एनडीआरएफ ने अपने ध्येय वाक्य “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” को पूरी तरह चरितार्थ किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बल की सराहना करते हुए कहा कि मात्र 20 वर्षों के भीतर 16 बटालियनों और 69 रणनीतिक स्थानों पर नियमित तैनाती के साथ एनडीआरएफ ने देश-दुनिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। संकट के समय भगवा वर्दी में देवदूत बनकर उभरने वाले इन जवानों को आज पूरा देश आदर से “एंजेल्स इन ऑरेंज” कहता है।

आपदा प्रबंधन में एनडीआरएफ का बेमिसाल रिकॉर्ड

बल ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक देश और दुनिया में अपनी वीरता का परचम लहराया है:

  • 12,000 से अधिक सफल अभियान: एनडीआरएफ ने अब तक लगभग 12,000 चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशंस को अंजाम दिया है।

  • 10 लाख से अधिक लोगों की मदद: अभियानों के दौरान आपदाओं के बीच से 1.5 लाख से अधिक लोगों को जीवित सुरक्षित निकाला गया, जबकि बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन और शहरी आपदाओं के दौरान 9 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

  • साल 2025 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: महानिदेशक पीयूष आनंद ने बताया कि अकेले वर्ष 2025 में बल ने रिकॉर्ड 1,400 से अधिक अभियानों का सफल संचालन किया, जो एक साल में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

  • वैश्विक पटल पर भारत का नाम: जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्किए (2023), म्यांमार (2025) और श्रीलंका (2025) जैसी अंतरराष्ट्रीय आपदाओं में अपनी त्वरित कार्रवाई से एनडीआरएफ ने भारत की वैश्विक राहत क्षमता का लोहा मनवाया है।


इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती: देश को मिले 7 नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र (RRC)

देश की आपदा तैयारियों को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह के दौरान 7 महत्वपूर्ण केंद्रों की सौगात दी:

  1. देहरादून (उत्तराखंड): नए एनडीआरएफ क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र (RRC) का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया।

  2. 6 नए केंद्रों का शिलान्यास: देश के अलग-अलग हिस्सों में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अगरतला, अर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में छह नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की आधारशिला रखी गई।


जांबाज जवानों को पदक, सम्मान और भावभीनी श्रद्धांजलि

अमित शाह ने परेड का निरीक्षण करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति ध्वज किसी भी बल को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जो अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण को दर्शाता है। यह बल प्रधानमंत्री के “आपदा जोखिम न्यूनीकरण के दस सूत्रीय एजेंडा” पर चलते हुए आगे बढ़ रहा है।

इस भावुक और गौरवशाली क्षण में गृह मंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले एनडीआरएफ के 17 वीर बचावकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिले पदक:

समारोह के दौरान गृह मंत्री ने शानदार सेवाओं के लिए 10 अधिकारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा पदक और तीन जांबाज बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। इसके अलावा प्रोफेशनल प्रतियोगिता, सर्वश्रेष्ठ नवाचार (Innovation) और 'फिटेस्ट रेस्क्यूअर' के लिए विभिन्न वाहिनियों को ट्राफियां प्रदान की गईं।

समारोह के समापन पर आईटीबीपी (ITBP) ब्रास एवं पाइप बैंड की देशभक्ति धुनों और एनडीआरएफ के बचावकर्मियों द्वारा किए गए हैरतअंगेज 'रोप रेस्क्यू' (Rope Rescue) प्रदर्शन ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जारीकर्ता: जनसम्पर्क शाखा, एनडीआरएफ मुख्यालय, नई दिल्ली।

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