वाराणसी से ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शुभारंभ - गौमाता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा व गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग

 संत समाज का 4 सूत्रीय मांगपत्र - सदर तहसील में नायब तहसीलदार को सौंपा प्रार्थना पत्र, ‘नो डोनेशन’ का ऐलान



वाराणसी। गौमाता को संवैधानिक रूप से ‘राष्ट्र माता’ का सम्मान दिलाने और देशभर में गोहत्या पर पूर्णतः रोक लगाने की मांग को लेकर संत समाज ने ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ का शुभारंभ कर दिया है। सोमवार को संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सदर तहसील पहुंचकर नायब तहसीलदार (शहर) सुलखा वर्मा को मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र सौंपा।


अभियान से जुड़े पर्चे के अनुसार इसके प्रधान संरक्षक वेदलक्षणा गौमाता (आद्यशक्ति मां सुरभि) तथा अध्यक्ष नंदी बाबा (नीलमणि वृषभदेव) हैं, जबकि ‘आशीर्वाद’ के रूप में भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी-देवताओं का उल्लेख किया गया है।


अभियान के तहत चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें भारत में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देशी गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना, गौमाता को राष्ट्र माता, राष्ट्र देव, राष्ट्र आराध्य और राष्ट्र धरोहर का दर्जा देना, गौ सेवा के लिए केंद्रीय कानून लागू कर केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय का गठन करना, तथा गोचर बोर्ड के गठन के साथ चारा सुरक्षा नीति तय कर गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही वेदलक्षणा गोवंश से प्राप्त पंचगव्य उत्पादों के निर्माण और वितरण को बढ़ाने की भी मांग की गई है।


अभियान के अंतर्गत 27 अप्रैल 2026 और 27 जुलाई 2026 को ‘गौ सम्मान दिवस’ मनाया जाएगा। इन तिथियों पर प्रातः 10 बजे देश की 5000 तहसीलों में तहसील मुख्यालयों पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

अभियान से जुड़ने के लिए मिस कॉल 9067777323 पर दी जा सकती है। व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने के लिए 8239711008 नंबर जारी किया गया है। अधिक जानकारी हेतु 9571712140 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा https://www.gausamman.cloud⁠� वेबसाइट के माध्यम से भी अभियान से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।

संत समाज ने स्पष्ट किया है कि अभियान के लिए किसी प्रकार का दान या चंदा स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अभियान के नाम पर चंदा मांगता है तो उसकी शिकायत 8239711008 पर व्हाट्सएप के माध्यम से करने को कहा गया है।

संतों ने इसे निष्काम अभियान बताते हुए कहा कि नायब तहसीलदार सुलखा वर्मा को प्रार्थना पत्र सौंपना इसकी पहली प्रशासनिक प्रक्रिया है और गौ सेवा व गौ रक्षा से ही राष्ट्र रक्षा संभव है।

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