वाराणसी कचहरी में अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार: न्यायिक कार्य ठप, वादकारी परेशान

 लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से आक्रोश | भ्रष्टाचार व मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन | आंदोलन व्यापक करने की चेतावनी


विककी मध्यानी


वाराणसी, 4 मई 2026। अधिवक्ताओं की लंबित मांगों पर प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज होकर सोमवार को वाराणसी कलेक्ट्रेट कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने पूर्ण कार्य बहिष्कार कर दिया। सुबह से ही अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए कचहरी बंद करा दी, जिससे पूरे दिन अदालती कामकाज ठप रहा।


न्यायिक कार्य प्रभावित, वादकारी हुए हलकान:

अधिवक्ताओं के इस सामूहिक निर्णय के कारण दूर-दराज से आए सैकड़ों वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई स्थगित कर दी गई। वाद तिथियों के लिए आए बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग वादकारी घंटों कचहरी परिसर में भटकते रहे।


क्या हैं अधिवक्ताओं की मांगें:

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने बताया कि वे लंबे समय से चैंबर, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, अभिलेखों के रख-रखाव और भ्रष्टाचार पर अंकुश जैसी बुनियादी मांगों को लेकर ज्ञापन दे रहे हैं। लेकिन संबंधित अधिकारियों के स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से आक्रोश बढ़ा है। अधिवक्ताओं ने कुछ अधिकारियों पर *भ्रष्टाचार व मनमाना रवैया* अपनाने का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।


शांतिपूर्ण प्रदर्शन, सख्त चेतावनी:

कचहरी परिसर में एकजुट होकर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ता नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को पारदर्शी व सुदृढ़ बनाना है। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक व्यापक किया जाएगा।


प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। कचहरी बंद रहने से राजस्व व फौजदारी दोनों अदालतों का काम प्रभावित हुआ।

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