एक सेंटर सील, दूसरे की अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त
अचूक रणनीति त्रिपुरेश्वर त्रिपाठी
देवरिया:
जनपद में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और राजस्व प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर में छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया गया, जबकि दूसरे की अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली गई।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरपी यादव और नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौण्डिल्य के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गुरुवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच टीम ने पहले शहर के जायसवाल डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा, जहां बिना वैध पंजीकरण के ही धड़ल्ले से अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही थी। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली।
एक्सपायर्ड रजिस्ट्रेशन पर कशिश डायग्नोस्टिक सील
इसके बाद टीम ने शहर के कशिश डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। पड़ताल में सामने आया कि सेंटर का संचालन प्रमाण-पत्र और पंजीकरण काफी पहले समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर अधिकारियों ने केंद्र को मौके पर ही सील कर दिया।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:
- जायसवाल डायग्नोस्टिक: बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड करने पर मशीन जब्त।
- कशिश डायग्नोस्टिक: रजिस्ट्रेशन की अवधि समाप्त होने और नवीनीकरण न मिलने पर सेंटर सील।
- संयुक्त टीम: एसीएमओ डॉ. आरपी यादव और नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौण्डिल्य की अगुवाई में हुई कार्रवाई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी हाल में अवैध या मानकों की अनदेखी कर डायग्नोस्टिक सेंटरों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों के खिलाफ सीलिंग के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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