बैरा कंपोजिट विद्यालय में वर्षों से अधूरा पड़ा बाउंड्रीवॉल और गेट का निर्माण, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
चकिया (चंदौली):
उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान 'ऑपरेशन कायाकल्प' को चकिया विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय बैरा में जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का ग्रहण लग गया है। विद्यालय में सुरक्षा और कायाकल्प के दावे कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।
वर्ष 2020-21 में शुरू कराया गया विद्यालय की चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) और मुख्य गेट का निर्माण कार्य वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा है। बाउंड्री न होने से पूरा विद्यालय परिसर असुरक्षित हो चुका है, जिससे यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
असामाजिक तत्वों और आवारा पशुओं का बना अड्डा
चारदीवारी और गेट के अभाव में विद्यालय परिसर में आए दिन आवारा पशु और मवेशी घुस आते हैं। असामाजिक तत्व रात के अंधेरे में अक्सर विद्यालय के तालों को तोड़कर अंदर प्रवेश कर जाते हैं। कमरों व परिसर की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिखे जा रहे हैं और परिसर को शौच स्थल बना दिया गया है।
सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान
खुले परिसर के कारण विद्यालय में स्थापित सरकारी संपत्तियों को भी लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है:
- ऑपरेशन कायाकल्प के तहत लगाए गए फर्श के टाइल्स तोड़ दिए गए हैं।
- पेयजल व्यवस्था के लिए लगे नल, शौचालय की पाइपलाइन और पानी की टंकियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
- लगातार हो रही तोड़फोड़ और गंदगी से विद्यालय का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों की चौखट पर दर्जनों गुहार, नतीजा शून्य
विद्यालय प्रबंध समिति और प्रधानाध्यापक के अनुसार, इस समस्या को लेकर खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) तथा उप जिलाधिकारी (SDM) चकिया सहित संबंधित सभी उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए, ताकि अराजक तत्वों पर रोक लग सके और मासूम बच्चों का भविष्य व सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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