अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में शास्त्री घाट से कचहरी तक निकली विशाल रैली, जिलाधिकारी से सीधी वार्ता
सवर्ण समाज और छत्तीस बिरादरी के लोगों ने बुलंद की आवाज — मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
वाराणसी, 05 सितंबर।
यूजीसी से संबंधित मांगों एवं आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शास्त्री घाट पर पिछले आठ दिनों से चल रहा आंदोलन शनिवार को बड़े जनआंदोलन की तस्वीर में बदल गया। लगातार शांतिपूर्ण धरने के बाद आंदोलनकारियों ने अब अपनी आवाज प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया।
करणी सेना के पूर्वांचल प्रभारी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में सवर्ण समाज एवं छत्तीस बिरादरी के लोगों ने शास्त्री घाट से कचहरी मुख्यालय तक विशाल रैली निकाली। हाथों में अपनी मांगों से जुड़े संदेश और नारों के साथ निकली रैली ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा।
रैली शास्त्री घाट से प्रारंभ होकर वरुणा पुल पार करते हुए कचहरी स्थित जिला मुख्यालय पहुंची। यहां आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी जिलाधिकारी श्री सतेंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।
“आठ दिन से शांत बैठे थे, अब प्रशासन के दरवाजे तक आए हैं”
करणी सेना के पूर्वांचल प्रभारी अविनाश मिश्रा ने कहा कि पिछले आठ दिनों से आंदोलनकारी पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से शास्त्री घाट पर धरना दे रहे थे। उनका उद्देश्य शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाना था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देने के बाद रैली निकालकर जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात करना जरूरी हो गया।
उन्होंने कहा कि यह आवाज अब केवल शास्त्री घाट तक सीमित नहीं है। जब तक मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाधिकारी ने दिया केंद्र तक बात पहुंचाने का आश्वासन
जिलाधिकारी श्री सतेंद्र कुमार ने आंदोलनकारियों की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी आगे की रणनीति को लेकर शास्त्री घाट स्थित आंदोलन स्थल पर पुनः पहुंचकर विचार-विमर्श किया।
कचहरी मुख्यालय से निकलने के बाद रैली कचहरी चौराहे से होते हुए पुनः शास्त्री घाट पहुंची, जहां आंदोलन स्थल पर रैली का समापन हुआ।
कई सामाजिक संगठनों की रही भागीदारी
रैली में साधना सनातन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सौरभ मौर्य, निर्भय क्रांति की राजश्री सोनी, शुभम सिंह, शिवम पांडेय, अमित राय, यथार्थ सिंह, बृजेश मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, शशि राणा, विजय सिंह राणा, विवेक सिंह, अम्बरीश सिंह सहित हिंदू युवा शक्ति के कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि आठ दिनों का शांतिपूर्ण धरना अब प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है और आगे की दिशा सरकार की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
आंदोलनकारियों का संदेश साफ—मांगें सुनी जाएं, समाधान निकाला जाए
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले भी नहीं हैं। उनका संघर्ष लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा।
