वाराणसी |अचूक रणनीति
महानगरीय संस्कृति और आधुनिकता की चकाचौंध के बीच आज के दौर में युवाओं का राह भटकना या बिना बताए घर से निकल जाना एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय बनता जा रहा है। ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई न सिर्फ एक परिवार को बिखरने से बचाती है, बल्कि खाकी के प्रति आम जनमानस के विश्वास को भी मजबूत करती है। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण वाराणसी कमिश्नरेट के थाना भेलूपुर अंतर्गत खोजवा चौकी क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पुलिस की सजगता से एक परिवार की मुस्कान सुरक्षित वापस लौटआई ।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, खोजवा निवासी खुशबू गुप्ता (उम्र लगभग 20 वर्ष), पुत्री प्रहलाद गुप्ता (निवासी: N 14/260, सरायनन्दन, खोजवा, वाराणसी) बीते दिनों अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। युवती के अचानक गायब होने से परिजनों के पैर तले जमीन खिसक गई और उन्होंने अनहोनी की आशंका में तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खोजवा चौकी प्रभारी मनोज कुमार चौह्क़न क0 अनुराग यादव ने बिना वक्त गंवाए मय फोर्स के साथ गुमशुदा युवती की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने अथक प्रयास और त्वरित तकनीकी व मैन्युअल इनपुट के आधार पर युवती को महज कुछ ही घंटों में सकुशल ढूंढ निकाला और विधिक कार्रवाई के बाद सही-सलामत उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपनी बेटी को सुरक्षित सामने देख परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने वाराणसी पुलिस का सहृदय आभार व्यक्त किया।
अंकुश और सुरक्षा का पर्याय बने उपनिरीक्षक मनोज सिंह चौहान
इस पूरी सफलता के पीछे भेलूपुर कमिश्नरेट पुलिस की उस कार्यप्रणाली की भी अहम भूमिका है, जिसकी नींव क्षेत्र में लगातार मजबूत की जा रही है। गौरतलब है कि भेलूपुर थाना क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक मनोज सिंह चौहान द्वारा लगातार क्षेत्र में प्रशंसा योग्य और उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं।
उपनिरीक्षक मनोज सिंह चौहान के पिछले कार्यों के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो उन्होंने अपराधियों पर नकेल कसने के साथ-साथ क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग (सामुदायिक पुलिसिंग) को बढ़ावा दिया है। चाहे वह महिला सुरक्षा का मुद्दा हो, बुजुर्गों की मदद करनी हो या फिर कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना
मनोज सिंह चौहान ने हमेशा अग्रिम मोर्चे पर रहकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनके इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज भेलूपुर और खोजवा क्षेत्र में जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है और अपराधियों में खौफ का माहौल है।आजकल पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव या आपसी संवाद की कमी के कारण युवाओं का बिना बताए घर छोड़ देना एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुका है। ऐसे मामलों में खोजवा पुलिस और उपनिरीक्षक मनोज सिंह चौहान जैसे अधिकारियों द्वारा निभाई जा रही सक्रिय भूमिका समाज के लिए नजीर है। त्वरित पुलिसिया कार्रवाई न केवल अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो रही है, बल्कि भटके हुए युवाओं को गलत हाथों में पड़ने से भी बचा रही है।
स्थानीय संभ्रांत नागरिकों ने इस त्वरित और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए चौकी प्रभारी मनोज सिंह चौहान और पूरी भेलूपुर पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
