पीड़ितों का डेटा उड़ाकर फरार होने की फिराक में शातिर ठग!
विनय मौर्या
वाराणसी/नई दिल्ली। देश में निवेश के नाम पर आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले ठगों ने एक बार फिर अपना रूप बदल लिया है। सोने की चमक की आड़ में लोगों को शिकार बनाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने हजारों परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। आरोप है कि वर्ष 2020 में Medallion Jewellers Pvt Ltd के नाम से रजिस्टर्ड हुई यह कंपनी निवेश के नाम पर देश का एक नया 'शाइन सिटी' बनने की राह पर है। नेटवर्क मार्केटिंग के अवैध पिरामिड प्लान के ज़रिए मात्र 10 से 20 महीने में पैसा दोगुना करने का दांव खेलकर इस कंपनी ने हजारों बेकसूर लोगों से करोड़ों रुपये डकार लिए हैं, और अब अंजाम यह है कि न तो लोगों को उनका पैसा मिल रहा है और न ही सोना।
क्या है कंपनी का '100% कैशबैक' का लुभावना जाल-सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कंपनी के आधिकारिक विज्ञापनों में निवेश पर भारी-भरकम और अविश्वसनीय रिटर्न का दावा किया जा रहा है। कंपनी ने मुख्य रूप से दो प्लान बाजार में उतारे हैं-
50% कैशबैक सिस्टम: न्यूनतम ₹10,000 का निवेश करने पर मैच्योरिटी पर 50% कैशबैक का दावा।
100% कैशबैक सिस्टम: न्यूनतम ₹25,000 का निवेश करने पर आकर्षक शर्तों के साथ 100% कैशबैक का झांसा (यह भुगतान आने वाले 20 महीनों के भीतर करने की बात कहकर 'मिशन सोने की चिड़िया' के नाम से प्रचारित किया जा रहा है)।
डिजिटल हेराफेरी का सनसनीखेज खुलासा: हर कुछ महीने में बदल जाती है वेबसाइट-
इस ठगी का सबसे शातिर पहलू यह है कि कंपनी लोगों के निवेश का डिजिटल सबूत ही मिटा देती है। पिछले 5 सालों में कंपनी ने कानून की आँखों में धूल झोंकने और लोगों को गुमराह करने के लिए कई बार अपनी वेबसाइटें बदली हैं-
1. सबसे पहले [www.medallionjewellers.com](https://www.medallionjewellers.com) के नाम से जाल बुना गया।
2. जब वहाँ पाप का घड़ा भरने लगा, तो नाम बदलकर- [www.medalliongoldjewellers.com](https://www.medalliongoldjewellers.com) कर दिया गया।
3. और अब वर्तमान में, नया शिकार फंसाने के लिए- [www.shreemedallionjewellers.com](https://www.shreemedallionjewellers.com) के नाम से नया मायाजाल चलाया जा रहा है।
साजिश का तरीका: जैसे ही कुछ महीने बीतते हैं और लोगों का पैसा वापस करने का समय आता है, यह शातिर ठग पुरानी वेबसाइट से निवेशकों का सारा डेटा और रिकॉर्ड ही गायब कर देते हैं! पीड़ित अपनी लॉगिन आईडी तक नहीं खोल पा रहे हैं। सबूत मिटाने का यह ऐसा डिजिटल खेल है जिससे पीड़ित कानूनी रूप से लाचार हो जाएं।
करोड़ों का टैक्स स्कैम: GST और Income Tax के नाम पर भी लूट, कई बार खाते हुए सीज़
कम्पनी की हेराफेरी सिर्फ जनता को ठगने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के राजस्व को भी चूना लगाया जा रहा है। निवेशकों से GST और Income Tax के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले गए, लेकिन रिकॉर्ड के मुताबिक कंपनी ने न तो किसी का टीडीएस जमा किया और न ही सरकारी खजाने में जीएसटी भरा। सूत्रों के मुताबिक, साइबर क्राइम विभाग द्वारा इस कंपनी के बैंक खाते कई बार सीज़ किए जा चुके हैं, लेकिन ये ठग इतने बेखौफ हैं कि एक खाता बंद होते ही नया फर्जी खाता खोलकर दोबारा जनता को लूटने का धंधा शुरू कर देते हैं।
पुराने शातिर ठगों का हाथ होने की आशंका, निशाने पर बेरोजगार युवा
स्थानीय सूत्रों और जागरूक नागरिकों के आरोपों के अनुसार, इस गोरखधंधे के पीछे वही पुराने चेहरे सक्रिय हैं जो पहले भी कई बड़ी फ्रॉड कंपनियों में जनता का पैसा डुबा चुके हैं।कथित तौर पर कंपनी के एमडी सत्यजीत राम और बनारस के प्रमोटर एके पांडे जैसे लोग इस नेटवर्क को तेजी से फैला रहे हैं।
गंभीर आरोप है कि यह वही एजेंट और लीडर हैं जो इससे पहले 'शाइन सिटी' और आरबीएससी जैसी बदनाम फ्रॉड कंपनियों में सक्रिय रहें, जिन्होंने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के हजारों परिवारों को सड़क पर ला दिया था। अब यही लोग बेरोजगार युवाओं को अमीर बनने का लालच देकर दलदल में धकेल रहे हैं।
दिल्ली दफ्तर पर हर दिन हंगामा, रजिस्टर्ड ऑफिस पर लटका रहता है ताला!
बताया जाता है कि कंपनी का दिल्ली में रजिस्टर्ड दफ्तर "1/10, फर्स्ट फ्लोर, सुलहकुल विहार, ओल्ड पालम रोड" पर स्थित है, जो अक्सर बंद पाया जाता है।जब भी पुराने इलाकों में हंगामा बढ़ता है, कंपनी के प्रमोटर उस दफ्तर पर ताला लटकाकर किसी नए राज्य या नए क्षेत्र में भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए निकल जाते हैं।
पुलिस और प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग
जहाँ एक तरफ सरकार अपील करती है कि सोने में सोच-समझकर निवेश करें, वहीं दूसरी तरफ खुलेआम सोशल मीडिया पर स्टेटस और पोस्ट लगाकर इस तरह की संदिग्ध पोंजी स्कीमों का प्रचार किया जा रहा है।
प्रशासन के लिए अलर्ट: जनता की गाढ़ी कमाई को डूबने से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस, वाराणसी पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और जिला प्रशासन को तत्काल इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। 'श्री मेडलियन ज्वेलर्स' की वैधता, इनके दावों, जमा योजना (Banning of Unregulated Deposit Schemes Act) के उल्लंघन, टैक्स चोरी और इसके प्रमोटरों के पिछले आपराधिक/फ्रॉड रिकॉर्ड की गहन जांच कर तत्काल गैंगस्टर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जानी अत्यंत आवश्यक है, ताकि एक और बड़े घोटाले को समय रहते रोका जा सके।
जनहित में अपील: आम जनता से अनुरोध है कि सोने की खरीद या निवेश हमेशा प्रमाणित और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों से ही करें। 20 महीने में पैसा दोगुना या 100% कैशबैक जैसे किसी भी भ्रामक बहकावे में न आएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और ठगों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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