प्रेस वार्ता कर डीएम से मिलेंगे प्रतिनिधि, कब्जा न हटने पर आंदोलन की चेतावनी
विक्की मध्यानी
वाराणसी। शिवपुर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर और श्री गणेश मंदिर को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग तेज हो गई है। मंदिर का अस्तित्व खतरे में देख रथयात्रा मेला समिति ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठाई।
समिति का आरोप है कि वर्षों से मंदिर परिसर पर कब्जा कर मूल स्वरूप और धार्मिक गरिमा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। प्राचीन समय में यहां विवाह, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यक्रम होते थे। पंचकोशी यात्रा में श्रद्धालुओं का पड़ाव भी यहीं होता था। लेकिन अब परिसर को चारों ओर से बंद कर दुकानें बना दी गई हैं और व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है।
समिति ने बताया कि मंदिर के प्राचीन कुएं को बंद कर उसमें गंदगी और मल-मूत्र बहाया जा रहा है, जिससे लोगों की आस्था आहत हुई है। मंदिर की पहचान रहे 101 स्तंभों में कई को तोड़ दिया गया है।
रथयात्रा मेला समिति के संरक्षक डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह डी.डी. ने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर मंदिर को कब्जा मुक्त कराने, श्रद्धालुओं के लिए खोलने और निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। समिति ने चेतावनी दी कि त्वरित कार्रवाई न होने पर स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रेस वार्ता में रामश्री मौर्या, संजीव सोमवंशी, अनिल मौर्या, गुलाब मौर्या, राजू मौर्या, पप्पू सोनकर समेत कई लोग मौजूद रहे।
