गोरखपुर में बना प्रतिदिन एक लाख स्कूली बच्चों को भोजन देने वाली अत्याधुनिक केंद्रीकृत रसोई
वाराणसी 25 जून 2026:
देशभर में स्कूली पोषण को सुदृढ़ बनाने की अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए द अक्षय पात्र फाउंडेशन ने आज गोरखपुर में अपनी नई अत्याधुनिक केंद्रीकृत रसोई का उद्घाटन किया। फाउंडेशन के 25वें वर्ष में स्थापित यह नई सुविधा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह रसोई पीएम पोषण योजना के अंतर्गत गोरखपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रतिदिन 1 लाख गर्म, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार करने और वितरित करने की क्षमता रखती है।
द अक्षय पात्र फाउंडेशन ने वर्ष 2019 में गोरखपुर में अपने स्कूल भोजन कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसके अंतर्गत जिले के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 5,000 बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता था। उस समय गोरखपुर की रसोई फाउंडेशन की देशभर में 50वीं रसोई थी। वर्षों के दौरान यह कार्यक्रम क्रमिक रूप से विस्तारित हुआ और एक अस्थायी सुविधा के माध्यम से इसकी पहुंच बढ़कर 17,000 बच्चों तक हो गई।
नई रसोई की स्थापना के साथ भोजन कार्यक्रम का विस्तार करते हुए 310 विद्यालयों के 35,000 बच्चों तक पहुंच बनाई गई। यह नई सुविधा अब 546 विद्यालयों के 55,000 बच्चों तक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगी तथा चरणबद्ध तरीके से 1,570 विद्यालयों के 1,00,000 बच्चों तक अपनी पहुंच का विस्तार करेगी।
खाद्य सुरक्षा, परिचालन दक्षता एवं पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखकर निर्मित यह सुविधा न केवल अक्षय पात्र की वर्तमान पहुंच को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्र में भविष्य के स्कूल भोजन एवं पोषण कार्यक्रमों के विस्तार के लिए भी आवश्यक क्षमता उपलब्ध कराएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस उद्घाटन समारोह में माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह आयोजन भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार एवं द अक्षय पात्र फाउंडेशन के बीच सहयोगात्मक भावना का प्रतीक रहा। फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष श्री चंचलपति दास तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भारतर्षभ दास ने किया।
2.5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित यह रसोई गैस एवं स्टीम आधारित हाइब्रिड परिचालन मॉडल पर कार्य करती है, जो पर्यावरणीय स्थिरता और परिचालन दक्षता के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्तमान में यह सुविधा भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े का संचालन कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और क्षेत्रीय स्कूल भोजन प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायता मिलती है।
रसोई में जल संरक्षण हेतु उन्नत प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन अवसंरचना तथा 2 लाख लीटर क्षमता वाला अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र शामिल है। विशेषीकृत रसोई उपकरणों में दो रोटी निर्माण मशीनें हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता प्रति घंटे 40,000 रोटियां तैयार करने की है, जिससे बड़े स्तर पर भोजन उत्पादन में निरंतरता सुनिश्चित होती है।
160 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र इस सुविधा के संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा संचालित करता है, जबकि हाइब्रिड बॉयलर प्रणाली पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को कम करती है। दूसरे चरण में एक बायोगैस संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा, जो इस रसोई की पर्यावरणीय स्थिरता एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षमताओं को और सुदृढ़ करेगा।
यह उद्घाटन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की शक्ति को दर्शाता है, जहां भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, परोपकारी दानदाता एवं क्रियान्वयन सहयोगी एक साझा उद्देश्य के साथ कार्य कर रहे हैं। जब बच्चे पोषित होंगे, तो वे विद्यालय आएंगे, शिक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त कर सकेंगे। पीएम पोषण योजना की मजबूत नींव पर आधारित यह गोरखपुर रसोई क्षेत्र में विद्यालयी उपस्थिति, पोषण स्तर तथा शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
श्री चंचलपति दास सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष, द अक्षय पात्र फाउंडेशन ने कहा: "गोरखपुर की यह रसोई इस बात का प्रमाण है कि सार्वजनिक-निजी सहयोग से क्या-क्या संभव हो सकता है। हम उत्तर प्रदेश सरकार और श्री सोमा शेखर के सहयोग एवं विश्वास के लिए हृदय से आभारी हैं। मिलकर हम बाल पोषण को सुदृढ़ कर रहे हैं, शिक्षा को समर्थन दे रहे हैं और एक पोषित, शिक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। हमारी प्रत्येक रसोई एक सरल विश्वास पर आधारित है। किसी भी बच्चे को भूख के कारण शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। यही हमारा मिशन है, जिसे हम प्रतिदिन ऐसे प्रयासों के माध्यम से आगे बढ़ाते हैं। यह तभी संभव हो पाता है जब सरकार, कॉर्पोरेट जगत और हमारे जैसे संगठन एक साथ मिलकर कार्य करते हैं।"
द अक्षय पात्र फाउंडेशन के बारे में
द अक्षय पात्र फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है तथा भारत सरकार की प्रमुख पीएम पोषण योजना की क्रियान्वयन सहयोगी है। भारत सरकार, राज्य सरकारों, कॉर्पोरेट साझेदारों एवं परोपकारी दानदाताओं के साथ एक सुदृढ़ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत कार्य करते हुए, फाउंडेशन का उद्देश्य कक्षा में भूख की समस्या को समाप्त करना तथा बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सशक्त बनाना है।
वर्ष 2000 में स्थापित अक्षय पात्र फाउंडेशन ने अपनी विनम्र शुरुआत से लेकर खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। वर्षों के दौरान इसके कार्यक्रमों ने विद्यालयों में नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाने, कक्षा में भूख कम करने, शैक्षणिक प्रदर्शन सुधारने तथा बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
फाउंडेशन विश्व के सबसे बड़े स्वचालित एवं प्रौद्योगिकी-संचालित सामुदायिक रसोई नेटवर्कों में से एक का संचालन करता है, जिन्हें प्रत्येक विद्यालयी दिवस पर सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आज फाउंडेशन का रसोई नेटवर्क 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों तक फैला हुआ है, जो 25,000 से अधिक विद्यालयों एवं आंगनवाड़ियों में 23.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है।


