जेल मैदान पर गूंजा सौहार्द: कलम और खाकी ने मिलकर बांटी मुस्कान

विक्की मध्यानी


वाराणसी। सेंट्रल जेल में बुधवार को यूपी ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन और कारागार परिवार के बीच मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र की मौजूदगी में हुए इस आयोजन का मकसद बंदियों एवं कर्मचारीयो के एकाकी जीवन में सरसता लाना और तनाव कम करना था।






टॉस जीतकर पत्रकार टीम के कप्तान हेमंत दूबे ने पहले बल्लेबाजी चुनी। कलम के सिपाही मैदान में भी अपना दम रखते हैं—यह साबित करने पत्रकार टीम में कप्तान हेमंत दूबे के साथ मनजीत पटेल, विकास गोड, प्रवीण यादव यश, अविनाश राय, ध्यानचंद शर्मा, नवीन प्रधान, आकाश यादव, विनय मौर्य, श्याम मोहन,विकास बाला,मनीष जायसवाल,आयन बोस,अविनाश राय औरअनिल मौर्य ने शिरकत की। वैसे तो पत्रकार साथी अक्सर खबरों की पिच पर ही खेलते हैं, मैदान पर कम उतरते हैं, फिर भी ओपनर पंकज गुप्ता और कृष्णा सिंह ने कुछ शानदार ड्राइव लगाकर उम्मीद जगाई। पंकज के कैच आउट होने के बाद कृष्णा सिंह ने एक छोर संभाले रखा। जेल टीम के गेंदबाज शिखर मिश्र, धर्मेंद्र यादव, प्रेमचंद मौर्या और अवधेश की कसी हुई गेंदबाजी के बावजूद टीम ने 12 ओवर में 64 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। यूपी ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदर अध्यक्ष विक्की मध्यानी ने भी आखिरी ओवरों में मोर्चा संभाला और 4 गेंदों पर 2 रन बनाकर नाबाद लौटे।


जवाब में कारागार परिवार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। कप्तान शिखर मिश्र के 5 गेंदों में 24 रन, शिवशंकर के 23 और प्रखर मिश्रा के 20 रनों की बदौलत टीम ने महज 3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।


ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए कप्तान शिखर मिश्र मैन ऑफ द मैच चुने गए। जेल अधीक्षक ने कहा कि खेल बंदियों के सुधार का सबसे असरदार जरिया है। ऐसे आयोजनों से न सिर्फ उनका अवसाद दूर होता है बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का भरोसा भी बनता है।


इस दौरान जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, किशन सिंह बाल्दिया, अयोध्या प्रसाद, फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित जेल परिवार के अधिकारी मौजूद रहे। मैच ने साबित किया कि जीत-हार से बढ़कर खेल भावना और अपनापन है।



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