कल से प्रारंभ होगी कर्मयोगी पीठ की 21 दिवसीय गीता चेतना यात्रा

वाराणसी। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर कर्मयोगी पीठ द्वारा आयोजित 21 दिवसीय गीता चेतना यात्रा का शुभारंभ कल 27 मई से होने जा रहा है।


यह यात्रा काशी के उत्तर भाग के लगभग 150 गांवों तक पहुंचेगी तथा 16 जून तक निरंतर संचालित होगी। यात्रा का उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए आत्म जागरण, समाज जागरण एवं राष्ट्र जागरण का भाव जागृत करना है।

कर्मयोगी पीठ के प्रमुख संयोजक कर्मयोगी गौरव मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। गीता चेतना यात्रा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं तक गीता के प्रेरणादायी संदेश को पहुंचाना है, ताकि संस्कारयुक्त, जागरूक एवं राष्ट्रनिष्ठ समाज का निर्माण हो सके।

उन्होंने बताया कि यात्रा के अंतर्गत प्रत्येक गांव में संक्षिप्त लेकिन प्रभावी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गीता के जीवनोपयोगी संदेश, युवाओं में नैतिक जागरण, परिवार एवं समाज निर्माण तथा राष्ट्र चेतना जैसे विषयों पर संवाद होगा। ग्राम-ग्राम और घर-घर तक गीता का संदेश पहुंचाने के लिए कर्मयोगी पीठ के कार्यकर्ता निरंतर संपर्क अभियान भी चलाएंगे।

यात्रा संयोजक शिवशरण सिंह एवं श्यामकार्तिक मिश्र ने संयुक्त रूप से बताया कि यात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं तथा विभिन्न गांवों में स्थानीय नागरिकों एवं युवाओं द्वारा यात्रा के स्वागत की व्यापक तैयारी की जा रही है। उन्होंने काशी क्षेत्र के नागरिकों से इस आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरण अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागी बनने की अपील की।

यात्रा के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता का सारगर्भित ज्ञान, ग्राम-ग्राम जनसंपर्क, युवा जागरण एवं समाज निर्माण के संदेश को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। कर्मयोगी पीठ के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक का एक व्यापक जनजागरण अभियान है।

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