151 बटुकों ने शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ राष्ट्रनायक का स्वागत किया
✍️आदर्श श्रीवास्तव
"बटुकों के शंखनाद और वेदऋचाओं के बीच जब बाबा के दर पहुंचे राष्ट्रनायक, महंत ने कहा – यही है सनातन का सेतु"
वाराणसी। काशी उस पावन क्षण की साक्षी बनीं जब भारत के प्रधानमंत्री बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। उनके पदार्पण से पूर्व ही मंदिर का प्रांगण वैदिक ऊर्जा से स्पंदित हो उठा।
अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्य विद्यालय, शिवपुर के 151 बटुकों ने शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ राष्ट्रनायक का स्वागत किया। शंख की ध्वनि और वेद की ऋचाएं जब आकाश में गूंजीं, तो लगा मानो स्वयं देवता पुष्पवर्षा कर रहे हों।
बटुकों के इस आत्मीय अभिनंदन पर प्रधानमंत्री ने रुककर मुस्कान के साथ हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। उनके नेत्रों में काशी के प्रति वात्सल्य और सनातन के प्रति अगाध श्रद्धा झलक रही थी। इसके पश्चात वे बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन के लिए भीतर प्रवेश कर गए।
महंत ने कहा – नेतृत्व में ही सनातन का गौरव
दर्शन के उपरांत मंदिर महंत शंकर पुरी ने कहा, "जिस तरह इनके नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, वह और गति पकड़े। इन्होंने जिस निष्ठा से भारत की संस्कृति और धर्म को एक सूत्र में पिरोकर रखा है, वह अभिनंदनीय है। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि राष्ट्र ऐसे ही धर्म और विकास के पथ पर अग्रसर रहे।"
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