वाराणसी। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोभूमि श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल, दुर्गाकुंड में 119वें करपात्र प्राकट्योत्सव का आयोजन 11 से 17 अगस्त तक

 सात दिवसीय इस महोत्सव में देशभर से श्रद्धालु, संत, विद्वान और शिक्षाविद शामिल होंगे।


कार्यक्रम की जानकारी रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज ने दी।

महोत्सव का शुभारंभ 11 अगस्त को गणपति लाक्षार्चन से होगा। सुबह सात बजे से एक लाख किसमिस यानी द्राक्षा फल से गणपति की विशेष आराधना की जाएगी। 12 अगस्त को मंदिर परिसर में सुबह नौ बजे 121 दंपतियों द्वारा सामूहिक रुद्राभिषेक किया जाएगा।

13 अगस्त को प्राकट्य दिवस की पूर्व संध्या पर गोधूलि बेला में करपात्र दीपावली का आयोजन होगा। इस दौरान स्वामी करपात्री जी महाराज के प्रकट होने के वर्ष के अनुरूप 43,435 दीपक एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे।

14 अगस्त को मुख्य प्राकट्य समारोह आयोजित होगा। शाम चार बजे होने वाले समारोह में आचार्य पं. गायत्री प्रसाद पाण्डेय को करपात्र रत्न तथा आचार्य डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र को करपात्र गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

15 अगस्त को परिसर में बटुकों द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जाएगा। वहीं 16 अगस्त को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्वामी करपात्री जी के शिक्षण दर्शन’ विषय पर कुलपति सम्मेलन होगा, जिसमें देशभर के कुलपति और शिक्षाविद भाग लेंगे।

महामंत्री पं. जगजीतन पाण्डेय ने बताया कि 17 अगस्त को गौरी केदारेश्वर जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। धर्मसंघ से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय करपात्र प्राकट्योत्सव का समापन होगा।

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