BHU में जर्जर सड़क बनी मरीजों और तीमारदारों के लिए मुसीबत, गड्ढों से बढ़ी परेशानी

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में नारिया गेट


से प्रवेश करने के बाद एनसीसी कैंप और गुल्लावीर बाबा मंदिर के पास से लेकर इमरजेंसी ओपीडी तक जाने वाला मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण मरीजों, तीमारदारों, छात्रों और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मार्ग पिछले कई महीनों से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल और इमरजेंसी ओपीडी तक पहुंचना पड़ता है। गड्ढों के कारण वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं, जिससे गंभीर और बुजुर्ग मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।


समाजसेवी धर्मेंद्र सिंह टिंकू ने बताया कि वह अपने एक मरीज को इलाज के लिए बीएचयू की ओपीडी लेकर आए थे। नारिया गेट से अस्पताल की ओर जाते समय जर्जर सड़क के कारण मरीज को काफी झटके लगे। उन्होंने बताया कि रास्ते की खराब स्थिति के कारण मरीज घबरा गया और उसके पैर में चोट भी लग गई।


धर्मेंद्र सिंह टिंकू का कहना है कि जब अस्पताल आने वाले मरीजों को ही इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को इस मार्ग की स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि मरीज पहले से ही बीमारी और शारीरिक परेशानी से जूझ रहे होते हैं, ऐसे में अस्पताल तक पहुंचने के दौरान खराब सड़क उनकी मुश्किलें और बढ़ा सकती है।


उन्होंने बीएचयू प्रशासन से मांग की है कि नारिया गेट से इमरजेंसी ओपीडी तक के इस महत्वपूर्ण मार्ग की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि मरीजों, तीमारदारों, छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।


अब सवाल यह है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े इस मार्ग की बदहाली कब दूर होगी और मरीजों को गड्ढों भरे रास्ते से कब राहत मिलेगी?


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