वाराणसी के मलदहिया चौराहे का मामला; खुफिया एजेंसियों ने भी की पूछताछ, तेज आवाज वाले साइलेंसर के चलते बाइक सीज

 सोशल मीडिया पर 'रील' का भूत: बुर्का पहनकर घूम रहे थे 12वीं के दो छात्र, पुलिस ने पकड़ा तो खुला प्रैंक का सच!
वाराणसी के मलदहिया चौराहे का मामला; खुफिया एजेंसियों ने भी की पूछताछ, तेज आवाज वाले साइलेंसर के चलते बाइक सीज

वाराणसी:


सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने का खुमार किस कदर युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, इसकी बानगी वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में देखने को मिली। मलदहिया चौराहे पर बुर्का पहनकर प्रैंक रील बनाने निकले कक्षा 12 के दो छात्रों को पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी और भीड़ की स्थिति बन गई, लेकिन पूछताछ में सच सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

क्या है पूरा मामला?

सिगरा थाना पुलिस मलदहिया चौराहे पर शांति व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान एक यामाहा बाइक (UP 65 FF 0716) पर सवार दो युवक गुजरते दिखाई दिए। बाइक पर पीछे बैठा युवक काले रंग का नकाब (बुर्का) पहने हुआ था और आंखों पर चश्मा लगा रखा था। संदिग्ध हुलिया देखकर पुलिस ने तुरंत बाइक रुकवा ली।

बुर्के में युवक को देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस दोनों को तत्काल हिरासत में लेकर थाने ले आई।

पूछताछ में निकला 'रील' कनेक्शन

थाने लाकर जब गहनता से पूछताछ की गई तो पता चला कि दोनों युवक कोई अपराधी नहीं, बल्कि स्कूली छात्र हैं:

  • आसाद अंसारी (निवासी: एसआरएसएम स्कूल के सामने, थाना शिवपुर)

  • मिजान अहमद / इरशाद अहमद (निवासी: औरंगाबाद लहानपुरा, थाना लक्सा)

दोनों युवकों ने बताया कि वे कक्षा 12वीं में पढ़ते हैं और प्रैंक (मजाकिया) रील व वीडियो शूटिंग करने के लिए इमलिया घाट जा रहे थे।

खुफिया एजेंसियां भी रहीं सतर्क, परिजनों को बुलाया गया

संवेदनशील मामला होने के कारण एसीपी चेतगंज और इंटेलिजेंस (LIU) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी दोनों छात्रों से काफी देर तक पूछताछ की। जांच के दौरान छात्रों के पास से कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक चीज बरामद नहीं हुई।

पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। हालांकि, बाइक में मॉडिफाइड (तेज आवाज वाला) साइलेंसर लगा होने के कारण वाहन को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। दोनों छात्रों के परिजनों को थाने बुलाकर काउंसिलिंग की जा रही है।

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