महाघोटाले की आहट: मेडलियन ज्वेलर्स पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप!

 प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँचा मामला


✍️विनय मौर्या 

देश में गोल्ड इन्वेस्टमेंट और भारी कैशबैक के नाम पर एक और बड़े आर्थिक घोटाले की आशंका गहराने लगी है। नेटवर्क मार्केटिंग के जाल में फंसाकर हजारों मासूम निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोपों के घेरे में आई कंपनी 'Medallion Jewellers Pvt. Ltd.' के खिलाफ अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत दर्ज कराई गई है।

यह शिकायत किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कंपनी में सितंबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक बतौर लीडरशिप ट्रेनर जुड़े रहे मानवेन्द्र तिवारी ने साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई है। शिकायत के बाद पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग तेज हो गई है।

कैशबैक और गोल्ड बुकिंग का मायाजाल: ऐसे फंसाया गया निवेशकों को

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेडलियन ज्वेलर्स लिमिटेड ने बाजार में 'गोल्ड बुकिंग' और 'आकर्षक कैशबैक' जैसी लुभावनी योजनाएं पेश की थीं। निवेशकों को ₹1,10,000 जैसी बड़ी रकम गोल्ड बुकिंग के नाम पर जमा कराने को कहा जाता था, जिसके बदले भारी कैशबैक, नेटवर्क आय, और महंगे पुरस्कारों का वादा किया जाता था।

शुरुआती दौर में लोगों को लुभाने के लिए कुछ रिटर्न्स दिए गए, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी ने अपने हाथ खींच लिए। अब कहा यह जा रहा है कि  न तो वादा किया गया सोना मिल रहा है और न ही उनका पैसा। कई निवेशकों को दिए गए चेक भी बैंकों में बाउंस हो चुके हैं।

वेबसाइटें बदलकर सबूत मिटाने का खेल!

शिकायतकर्ता मानवेन्द्र तिवारी ने खुलासा किया कि कंपनी अपनी कथित संदिग्ध गतिविधियों को छुपाने के लिए लगातार डिजिटल पहचान बदल रही है। पहले कंपनी medallionjewellers.comनाम की वेबसाइट से ऑपरेट कर रही थी, जिसे बाद में बदलकर medalliongoldjewellers.com किया गया और वर्तमान में यह खेल shreemedallionjewellers.com के जरिए चलाया जा रहा है। इस डिजिटल हेरफेर के कारण पुराने सैकड़ों निवेशकों के लॉगिन बंद हो चुके हैं और उनका पिछला सारा डेटा गायब कर दिया गया है।

मानवेंद्र का कहना है कि मैंने खुद गूगल फॉर्म के जरिए डेटा जुटाया है। महज कुछ दिनों में ही 38 से अधिक पीड़ितों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिनका पैसा और सोना कंपनी डकार चुकी है। मैंने कंपनी के फाउंडर और सीईओ सत्यजीत कुमार को इस रिस्की मॉडल के लिए कई बार टोका था, लेकिन कोई सुधार न होने पर मैंने इनके साथ काम करना छोड़ दिया।


वाराणसी में 5 जुलाई को होने वाले महा-आयोजन पर उठे सवाल-

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरफ जहाँ निवेशक अपने खून-पसीने की कमाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह कंपनी उत्तर प्रदेश और बिहार के नए इलाकों में अपने पैर पसार रही है।

आगामी 5 जुलाई 2026 को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली (कबीर चौरा रोड) में कंपनी का छठा वर्षगाँठ कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के पोस्टरों में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम व तस्वीरों का इस्तेमाल कर जनता में भरोसा जीतने का प्रयास किया जा रहा है। पीएमओ को भेजी गई शिकायत में इस कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने और इसकी भी गहन जांच करने की मांग की गई है ताकि अन्य भोले-भाले नागरिक इस संभावित ठगी का शिकार न बनें।

पीएमओ से की गई ये मुख्य मांगें:

 पूरे मामले की आर्थिक अपराध शाखा या किसी अन्य केंद्रीय सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।

खाते सीज हों: कंपनी के निदेशकों, सीईओ सत्यजीत कुमार और प्रमोटरों के बैंक खातों व वित्तीय लेन-देन को खंगाला जाए।

रिफंड की व्यवस्था: प्रभावित निवेशकों का डूबा हुआ धन वापस दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू हो।

कठोर दंडात्मक कार्रवाई: धोखाधड़ी साबित होने पर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।

अब देखना यह है कि इस हाई-प्रोफाइल शिकायत के बाद प्रशासन वाराणसी में होने वाले आयोजन पर क्या एक्शन लेता है और क्या ठगे गए हजारों निवेशकों को उनका पैसा वापस मिल पाएगा।

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