गाजीपुर GeM टेंडर घोटाला: फर्जी बैंक दस्तावेज लगाने के आरोपी 7 फर्मों को बचाना दो दरोगाओं को पड़ा भारी

 Almadina Foundation, AS Infratech, Bigzia Management, Shree Hariom Infotech, Prithvi Protective Services, UP Industrial Consultants Vanshikha HR Service 

पर गंभीर आरोप




गाजीपुर/वाराणसी। Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल पर तकनीकी प्रशिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी सरकारी निविदा में कथित फर्जी बैंक दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला अब और गंभीर हो गया है। इस प्रकरण की विवेचना में लापरवाही तथा आरोपित फर्मों को लाभ पहुंचाने के आरोप में डीआईजी वैभव कृष्ण ने दो विवेचक दरोगाओं को निलंबित कर दिया है।

एफआईआर के अनुसार, गाजीपुर में 248 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तकनीकी प्रशिक्षकों की नियुक्ति हेतु GeM पोर्टल पर निविदा जारी की गई थी। इस प्रक्रिया में 176 फर्मों ने भाग लिया। बैंक गारंटी, एफडीआर, डिमांड ड्राफ्ट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान सात फर्मों के दस्तावेज संदिग्ध अथवा फर्जी पाए जाने का आरोप सामने आया, जिसके बाद संबंधित फर्मों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच में Almadina Foundation की ओर से प्रस्तुत एफडी/टीडी का बैंक रिकॉर्ड नहीं मिला। AS Infratech, Lucknow द्वारा प्रस्तुत Third Party Deposit को बैंक ने जारी करने से इनकार किया। Bigzia Management Pvt. Ltd. के डिमांड ड्राफ्ट का सत्यापन नहीं हो सका। Shree Hariom Infotech, Lucknow का डिमांड ड्राफ्ट बैंक रिकॉर्ड में जारी नहीं मिला। Prithvi Protective Services Pvt. Ltd. के नाम से दर्शाया गया बैंक खाता रिकॉर्ड में मौजूद नहीं था। UP Industrial Consultants Ltd. द्वारा प्रस्तुत डिमांड ड्राफ्ट संबंधित शाखा का नहीं पाया गया, जबकि Vanshikha HR Service के बैंक खाता और कस्टमर आईडी का भी बैंक रिकॉर्ड में कोई मिलान नहीं हुआ।

दो विवेचक दरोगाओं के निलंबन के बाद अब पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और आरोपित फर्मों पर आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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