काशी के वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ सिंह का निधन

 शोक में बंद रहीं जनपद की अदालतें


बार संघों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

विक्की मध्यानी 

वाराणसी। काशी की न्यायिक बिरादरी के वरिष्ठ और सम्मानित अधिवक्ता दीनानाथ सिंह के निधन से अधिवक्ता समाज में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर मंगलवार को दि सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' और दि बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त शोकसभा आयोजित की गई। दोनों बार संघों ने उन्हें विधि जगत का मार्गदर्शक बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। शोकसभा के दौरान उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

न्यायिक कार्य रहा स्थगित

शोकसभा की अध्यक्षता दि बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने की, जबकि संचालन दि सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर दि सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, दि बनारस बार के महामंत्री सुधांशु मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। शोक प्रस्ताव रंजन कुमार मिश्र, अंकुर पटेल और हरिश्चन्द्र मौर्य ने प्रस्तुत किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ सिंह के सम्मान में मंगलवार को जनपद की समस्त अदालतों में न्यायिक कार्य स्थगित रहेगा। साथ ही जनपद एवं सत्र न्यायाधीश से शोक प्रस्ताव अधीनस्थ न्यायालयों तक भेजने का अनुरोध किया गया।

आवास पर उमड़ा श्रद्धांजलि देने वालों का सैलाब

दीनानाथ सिंह के निधन की सूचना मिलते ही सर्वेश्वरी नगर स्थित उनके आवास पर अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों का तांता लग गया। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम मणिकर्णिका घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया जायेगा ।

वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ सिंह दि सेंट्रल बार एसोसिएशन 'बनारस' के पूर्व अध्यक्ष तथा एल्डर्स कमेटी के पूर्व चेयरमैन रहे। अधिवक्ता समाज में वह अपनी सादगी, विधिक ज्ञान, ईमानदारी और युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से सम्मानित थे। उनके निधन को काशी की न्यायिक परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कानून की गरिमा, पेशे की मर्यादा और नई पीढ़ी के वकीलों के मार्गदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके व्यक्तित्व और योगदान को विधि जगत सदैव स्मरण रखेगा।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने