जानिए कैसे करते थे देशभर में साइबर ठगी
विक्की मध्यानी
वाराणसी। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान "साइबर वज्र" के तहत वाराणसी कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उन्हीं खातों के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करता था।
फर्जी APK और रिमोट एक्सेस से उड़ाते थे रकम
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बैंक खाता खुलवाने के बाद संबंधित व्यक्ति से एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और नेट बैंकिंग की जानकारी अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद विदेशी साइबर अपराधियों से प्राप्त फर्जी ट्रांजेक्शन आधारित APK मोबाइल में इंस्टॉल कराकर रिमोट एक्सेस के माध्यम से खातों का संचालन करते थे। ठगी की रकम म्यूल खातों में पहुंचते ही उसे तत्काल अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता था। पूछताछ में अभियुक्तों ने प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 8 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेने की बात स्वीकार की है।
थार, आई-20 समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 आईफोन, 43 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, 10 चेकबुक, 11 क्यूआर कोड, 12 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, एक डायरी तथा 12,060 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 कार भी जब्त की गई है, जिनका उपयोग गिरोह द्वारा किया जा रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्तों में आदर्श चौबे निवासी मिर्जापुर, आशीष यादव निवासी वाराणसी, सुजल सिंह निवासी मुजफ्फरनगर, पीयूष सिंह निवासी मऊ तथा युवराज वर्मा निवासी वाराणसी शामिल हैं। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा अपराध संख्या 35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2), 112 तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद, उपनिरीक्षक आलोक सिंह यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक विवेक सिंह, उपनिरीक्षक सतीश चन्द्र पाल तथा साइबर क्राइम थाना की टीम ने अंजाम दिया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी अथवा नेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें। किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

