नवरात्रि में ‘शक्ति की सवारी’: वाराणसी में महिला पुलिस की स्कूटी रैली, सुरक्षा का दिया भरोसा

वाराणसी नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां एक ओर पूरा देश मां दुर्गा की आराधना में लीन है, वहीं दूसरी ओर वाराणसी पुलिस ने ‘सशक्त नारी, सुरक्षित समाज’ का संदेश देते हुए एक



 प्रेरणादायक पहल की। इस कड़ी में महिला सुरक्षा को और मजबूत करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से महिला पुलिस कर्मियों की एक भव्य स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। यह रैली न केवल शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी, बल्कि शहरवासियों के लिए सुरक्षा का एक सशक्त संदेश भी लेकर आई।



रैली की शुरुआत पुलिस लाइन से हुई, जहां पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘मिशन शक्ति’ अभियान को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।


पुलिस आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि अब हर थाने को ‘मिनी थाने’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए अलग से ‘मिशन शक्ति केंद्र’ बनाए गए हैं। इन केंद्रों का संचालन पूरी तरह महिला पुलिस कर्मियों द्वारा किया जा रहा है, ताकि किसी भी पीड़ित महिला को अपनी समस्या बताने में झिझक महसूस न हो। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पातीं, लेकिन महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी उन्हें आत्मविश्वास देती है।

यह स्कूटी रैली शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरी। रैली के दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने हेलमेट पहनकर, अनुशासन के साथ स्कूटी चलाते हुए लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। रैली जहां-जहां से गुजरी, वहां लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया और इस पहल की सराहना की।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मन में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करना और यह संदेश देना था कि पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है। नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व पर इस तरह की पहल का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पर्व स्वयं नारी शक्ति की उपासना का प्रतीक है। ऐसे में महिला पुलिस की यह रैली ‘शक्ति की सवारी’ के रूप में लोगों के बीच एक मजबूत संदेश छोड़ गई।

रैली में शामिल महिला पुलिस कर्मियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह रैली उनके लिए सिर्फ एक ड्यूटी नहीं, बल्कि गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। एक महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि वे समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि “हम सिर्फ कानून की रक्षक ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक भी हैं।”


वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। सभी के चेहरों पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह आयोजन न केवल पुलिस विभाग के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं। 


 रिपोर्ट आदर्श श्रीवास्तव

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