वाराणसी: दुर्गाकुंड ऑटो स्टैंड विस्थापन पर 'त्रिकोणीय' रार; मंत्री की सिफारिश बनाम पार्षद की 'खिंचाई', आंदोलित हुए संचालक और जनता

 वाराणसी। धर्म नगरी काशी का दुर्गाकुंड क्षेत्र इन दिनों भक्ति के जयकारों के बजाय प्रशासनिक तनातनी और विरोध प्रदर्शनों का अखाड़ा बन गया है।

दशकों पुराने ऑटो स्टैंड के विस्थापन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक तरफ 'जनता बनाम प्रशासन' और दूसरी तरफ 'पार्षद बनाम ऑटो संचालक' की जंग में तब्दील हो चुका है।

जहाँ एक ओर कॉलोनी निवासी सुरक्षा और शांति की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑटो चालक इसे अपनी रोजी-रोटी पर हमला और राजनीतिक रंजिश करार दे रहे

स्थानीय निवासियों का मोर्चा:  घर के सामने स्टैंड मंजूर नहीं


विवाद की पहली चिंगारी दुर्गाकुंड स्थित पदम पुरी कॉलोनी से उठी। स्थानीय निवासी चंद्र किशोर सिंह के नेतृत्व में कॉलोनी वासियों ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर प्रस्तावित स्टैंड का कड़ा विरोध किया है। निवासियों का तर्क है कि:
पवित्रता को खतरा स्टैंड मंदिर के बिल्कुल समीप है, जिससे धार्मिक गरिमा प्रभावित होगी।
सुरक्षा और अराजकता: कॉलोनी के मुख्य द्वार पर ऑटो स्टैंड होने से महिलाओं और बच्चों का निकलना दूभर होगा और अराजक तत्वों का जमावड़ा रहेगा।


मंत्री का समर्थन: इस मांग को राजनीतिक वजन तब मिला जब प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालू' ने भी जनहित को देखते हुए स्टैंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने की संस्तुति दे दी।


संचालकों का पलटवार: "35 साल पुराने वजूद पर पार्षद का वार"
दूसरी ओर, पिछले 3.5 दशकों से स्टैंड का संचालन कर रहे मंगल यादव और अन्य ऑटो चालकों ने दयाल टावर दुर्गाकुण्ड के सामने मोर्चा खोल दिया है। संचालकों ने स्थानीय पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे 'निजी रंजिश' बताया है।


पार्षद पर आरोप:संचालकों का कहना है कि डेढ़ महीने पहले पार्षद द्वारा स्टैंड की जमीन पर अवैध दुकान लगवाई गई थी, जिसे पुलिस ने हटवा दिया। आरोप है कि इसी खुन्नस में पार्षद अब पूरे स्टैंड को ही वहां से हटवाने पर तुले हैं।
ट्रैफिक का तर्क: चालकों का कहना है कि वर्तमान स्टैंड मुख्य मार्ग से 100 मीटर अंदर है। यदि इसे प्रशासन की योजना के अनुसार मुख्य सड़क पर लाया गया, तो दुर्गाकुंड मार्ग पूरी तरह जाम हो जाएगा और गाड़ियों की सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाएगा।


मैदान में उतरा प्रशासन: बीच का रास्ता निकालने की चुनौती
मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए भेलूपुर थाना प्रभारी सुधीर त्रिपाठी, दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज विकाश मिश्रा और नगर निगम के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ निवासियों की शांति और मंत्री जी की सिफारिश है, तो दूसरी तरफ सैकड़ों ऑटो चालकों की आजीविका और ट्रैफिक प्रबंधन।
आगे क्या?


फिलहाल दुर्गाकुंड में माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। ऑटो संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने तानाशाही दिखाई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। अब सबकी निगाहें नगर आयुक्त के फैसले पर टिकी हैं—क्या प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करेगा या फिर विकास और नियमों के नाम पर स्टैंड का विस्थापन होकर रहेगा?

स्थानीय लोगों में मुख्य रूप से अनिल शर्मा पूर्व पार्षद, संजय यादव पार्षद प्रत्याशी (सपा) राजेश मनोज जायसवाल ऋषभ यादव, लेंसकार्ट शोरूम के संचालक,टाइटन शोरूम के संचालक, एवं काफ़ी लोग उपस्थित थे




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