सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास, यूपी का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर देश के लिए बनेगा मिसाल

अशोक कुमार जायसवाल 


चंदौली।जनपद न्यायालय के निर्माण को लेकर पिछले दो दशकों से चला आ रहा लंबा इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदौली सहित प्रदेश के 6 जिलों में बनने वाले मॉडल न्यायालय परिसरों का शिलान्यास किया। कुल ₹1500 करोड़ की लागत से बनने वाले इन इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसरों में चंदौली के साथ औरैया, महोबा, अमेठी, शामली व हाथरस शामिल हैं, जिनका शिलान्यास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।


यह अवसर जनपद चंदौली के न्यायिक इतिहास में ऐतिहासिक बन गया, क्योंकि पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का जनपद आगमन हुआ। शिलान्यास कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों, जिला न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर पूरे देश के लिए एक नजीर बनेगा। उन्होंने कहा कि जब वे अन्य राज्यों का दौरा करेंगे तो वहां की सरकारों से भी यूपी की तर्ज पर एकीकृत न्यायालय परिसर विकसित करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में सभी न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होने से आम आदमी को न्याय पाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। साथ ही उन्होंने परिसर में महिला बार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना का भी सुझाव दिया।


इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलने से समय और संसाधनों की बचत होगी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए कहा कि न्याय को सहज और सुलभ बनाने के लिए एकीकृत न्यायालय परिसर समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसरों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें पहले चरण में 6 जिलों में शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए बेहतर चैंबर, आवासीय सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, “देश के न्यायिक इतिहास में उत्तर प्रदेश से एक नया अध्याय स्वर्ण अक्षरों में जुड़ने जा रहा है। सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।”

यूपी प्लानिंग डिपार्टमेंट के अनुसार चंदौली में बनने वाले मॉडल कोर्ट परिसर पर ₹286 करोड़ की लागत आएगी। यहां कुल 37 कोर्ट रूम का निर्माण किया जाएगा। परिसर में एक ही छत के नीचे निचली अदालतें, अधिवक्ताओं के चैंबर, आवासीय सुविधाएं, पार्किंग, कैंटीन और स्पोर्ट्स क्लब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही अदालतों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और ऑनलाइन सुनवाई की नवीनतम तकनीकों से लैस किया जाएगा। निर्माण कार्य को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मित्थल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता शैलेन्द्र मिश्र सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बार पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की गई थीं।

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