वाराणसी : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग सतर्क

24 चिकित्सकीय टीमें तैनात 


 संक्रामक रोगों से बचाव को निरोधात्मक कदम तेज


वाराणसी।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर जिले के बाढ़ राहत शिविरों में 24 चिकित्सकीय टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से मरीजों को इलाज और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।



मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने जानकारी दी कि शिविरों में मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ लगातार काम कर रहे हैं। बाढ़जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अब तक 572 मरीजों का इलाज, 2,782 ओआरएस पैकेट और 35,000 से अधिक क्लोरीन गोलियों का वितरण किया जा चुका है।


बाढ़ क्षेत्रों की चिकित्सा सेवाओं के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त



बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाओं की निगरानी के लिए डॉ. पीयूष राय को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डॉ. राय ने बताया कि जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए क्लोरीन टैबलेट्स का वितरण किया जा रहा है, जो पानी को शुद्ध करने में मददगार है। साथ ही, स्वच्छता और जागरूकता अभियानों को भी तेज किया गया है। ग्रामीणों को स्वच्छ पानी पीने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीमें बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात सेवाएं दे रही हैं।


घर-घर जाकर क्लोरीन गोली और स्वास्थ्य जांच


जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. शरद चंद पांडे ने बताया कि बाढ़ प्रभावित शहरी वार्डों और ग्रामीण इलाकों में घर-घर क्लोरीन गोली का वितरण किया जा रहा है। साथ ही "घर-घर दस्तक" अभियान की तर्ज पर बुखार के रोगियों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य शिविरों में इलाज हेतु लाया जा रहा है।


शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले 28 वार्डों में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर क्लोरीन गोली का वितरण कर रही हैं। यदि किसी घर में बुखार के लक्षण वाला मरीज पाया जा रहा है, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य शिविर में जांच के लिए भेजा जा रहा है।


आशा कार्यकर्ता घरों में 20 लीटर पानी में क्लोरीन की एक गोली मिलाकर डेमो भी कर रही हैं, जिससे लोगों को इसके प्रयोग की विधि समझाई जा सके।


लार्वा चेकिंग और एंटीलार्वा छिड़काव जारी


बाढ़ प्रभावित कॉलोनियों में 45 घरेलू लार्वा चेकिंग कर्मियों को तैनात किया गया है, जो डूडा से हायर किए गए हैं। ये कर्मी लार्वा चेकिंग के साथ-साथ एंटीलार्वा छिड़काव का कार्य कर रहे हैं। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग को जनप्रतिनिधियों और पार्षदों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।


स्वास्थ्य विभाग की यह सतर्कता और तत्परता बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।

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