काशी में विदेशी महिला पर्यटक के साथ चोरी, FIR से किया इनकार

 वाराणसी। रविवार सुबह अमेरिका के एरिज़ोना से आई भारतीय मूल की महिला मिता आपिस वेदया वाराणसी के दुर्गा कुंड स्थित कुष्मांडा देवी मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। दर्शन के बाद जब उन्होंने अपने बैग की जांच की तो पाया कि उनका पासपोर्ट और नकदी चोरी हो चुके थे।


घटना के बाद उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला, तो दुर्गाकुंड पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी समस्या बताई। उन्हें बताया गया कि वे या तो थाने में जाकर FIR दर्ज करा सकती हैं या यूपी पुलिस की UPCOP ऐप के जरिए शिकायत कर सकती हैं।



पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर परिसर के CCTV फुटेज की जांच की, जिसमें दो संदिग्ध महिलाओं को दुपट्टे की आड़ में बैग से सामान निकालते हुए देखा गया। इसके बावजूद, विदेशी महिला ने FIR दर्ज कराने से इनकार कर दिया और सिर्फ पासपोर्ट की गुमशुदगी का प्रमाण पत्र मांगा, जो उन्हें उपलब्ध करा दिया गया। इसके बाद वे मुंबई स्थित अमेरिकी दूतावास के लिए रवाना हो गईं।




बड़ा सवाल: वाराणसी की छवि पर असर


यह घटना न सिर्फ भारत बल्कि वाराणसी की छवि को भी प्रभावित कर सकती है। विदेशी पर्यटकों के साथ इस तरह की घटनाएँ देश की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।


1. प्रशासन के पास एक्शन प्लान क्यों नहीं?

सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस सुरक्षा योजना क्यों नहीं बनाई गई?



2. सूचना तंत्र विफल क्यों?

शहर में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, फिर भी सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था इतनी कमज़ोर क्यों है?



3. वाराणसी की छवि पर असर

यह घटना दिखाती है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते पर्यटक असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।




जरूरत है कड़े कदम उठाने की


प्रशासन को चाहिए कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा कड़ी की जाए, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि बनारस की छवि को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।

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