बीते महाकुंभ में आये वाहन चालकों से लेकर कई मामलों में भयादोहन का आरोप
मनबढ़ है दरोगा,अधिकारियों के आदेशों की करता है नाफरमानी
वाराणसी में कुछ पुलिसकर्मियों ने बीते महाकुंभ को कमाई का अवसर बना लिया था। जिनमें एक नाम है उपनिरीक्षक डॉ. अजय गुप्ता का। इनके द्वारा बाहरी गाड़ियों से लेकर दर्शनार्थियों की गाड़ियों से अवैध वसूली की खबरें सामने आई हैं। आरोप है कि वाराणसी यातायात विभाग के उपनिरीक्षक डॉ. अजय गुप्ता और उनकी टीम ने बाहरी गाड़ियों और चालकों से भयादोहन कर 500 से लेकर ₹5000 तक की अवैध वसूली की बात सामने आई है।
स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि वाराणसी में एक मीटिंग में डॉ अजय गुप्ता को एडीसीपी ट्रैफिक राजेश पांडेय द्वारा कड़ी फटकार भी लगाई और भविष्य में ऐसी हरकतों से बचने की चेतावनी की बात भी बताई जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह चेतावनी ही काफी है। क्योंकि मामला मात्र यही नही है डॉ अजय गुप्ता ने बीते 11 फरवरी को भी शिवपुर के तरना में एक टाटा मैजिक चालक आशीष मौर्या से तीन हजार रुपये की जबरन वसूली की थी। जिसकी शिकायत यातायात मुख्यालय में उसने की है। अजय गुप्ता के वसूली की शिकायतें आम हो चुकी हैं। अगर रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सीसीटीवी फुटेज की जांच हो, तो पूरा सच सामने आ सकता है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई संभव है।
एक ओर महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन में जहां सरकार और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जी-जान से जुटे रहें। वहीं कुछ भ्रष्ट अधिकारी वसूली कर पूरे विभाग की छवि खराब कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग इस पर क्या कदम उठाता है अजय गुप्ता पर क्या कार्रवाई होती है।
