अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) के नेतृत्व में होगा आंदोलन, प्रदेश संगठन मंत्री एडवोकेट शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने छात्रों, अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों से जुटने की अपील की
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रस्तावित नियमों और शिक्षा व्यवस्था में असमानता के मुद्दे को लेकर वाराणसी में शनिवार को बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) के प्रदेश संगठन मंत्री एवं अधिवक्ता शैलेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 29 अगस्त को शास्त्री घाट, कचहरी परिसर में महा-जनसभा और जनआक्रोश सभा का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने इसे शिक्षा में समानता, सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण आंदोलन बताया है। महासभा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आंदोलन का मुख्य उद्देश्य UGC के प्रस्तावित नए नियमों को वापस लेने, विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के बैकलॉग पदों को भरने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने तथा समान शुल्क व्यवस्था लागू करने की मांग को मजबूती से उठाना है। संगठन का कहना है कि नए नियमों को लेकर छात्रों और विभिन्न सामाजिक वर्गों में असंतोष है तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।
*'शिक्षा में समानता, अधिकार हमारा' होगा आंदोलन का नारा*
आयोजकों ने आंदोलन के लिए 'शिक्षा में समानता, अधिकार हमारा' का नारा दिया है। महा-जनसभा में UGC के प्रस्तावित नियमों के साथ-साथ आरक्षण व्यवस्था, विश्वविद्यालयों में रिक्त बैकलॉग पदों और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) ने मांग की है कि UGC के जनविरोधी बताए जा रहे ड्राफ्ट को तत्काल रोलबैक किया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्ग के बैकलॉग पदों पर तत्काल नियुक्ति करने और शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाकर समान शुल्क प्रणाली लागू करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने यह भी मांग की है कि आरक्षण का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए, ताकि आरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
*'आंदोलन किसी जाति के खिलाफ नहीं'*
प्रदेश संगठन मंत्री एवं अधिवक्ता शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी जाति या वर्ग के विरोध में नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और शैक्षिक समानता के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब और जरूरतमंद छात्रों को समान शिक्षा और अवसर नहीं मिलता, तब तक महासभा अपनी आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और देश की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की असमानता या अवसरों की कमी का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए UGC के प्रस्तावित नियमों और आरक्षण से जुड़े विषयों पर सरकार एवं संबंधित संस्थाओं को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
*छात्रों और अधिवक्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील*
महा-जनसभा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महासभा ने छात्रों, अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शास्त्री घाट, कचहरी परिसर पहुंचने की अपील की है। आयोजकों के मुताबिक, 29 अगस्त शनिवार को सुबह 11 बजे शास्त्री घाट, कचहरी परिसर में होने वाली इस जनसभा में शिक्षा, आरक्षण और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। आंदोलन के माध्यम से सरकार और UGC तक अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
