धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी का लंका थाना क्षेत्र इन दिनों एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के अवैध कारनामों की वजह से चर्चा में है।
लंका थाने की रमना चौकी के अंतर्गत आने वाले नैपुरा बजबजा और नुवाव गांव (मुलाकात होटल से महज़ 200 मीटर की दूरी पर) में बड़े पैमाने पर अवैध जुए का फड़ सज रहा है। स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों की मानें तो इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड लंका थाने का हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू यादव है। आरोप है कि पुलिस की कथित अनदेखी के बल पर यहाँ रोजाना लाखों-करोड़ों रुपये का दांव लगाया जा रहा है।
अवैध नेटवर्क की संरचना और कार्यशैली
कल्लू यादव ने इस जुए के फड़ को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए अपने करीबियों की एक पूरी टीम तैनात कर रखी है:
बुक संचालन (मुख्य बुकी): प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ गेदा (निवासी ग्राम टिकरी)
सहायक बुकी 2: सुरेश यादव (निवासी ग्राम रमना)
सहायक बुकी 3 भग्गू मौर्या (निवासी ग्राम टिकरी) *जो वर्तमान में ग्राम प्रधान है अब अपनी प्रधानी चुनाव के खर्च का पैसा इसी जुआ से निकाल रहा है।*
सहायक बुकी 4: रामू पाल (निवासी मिर्जापुर)
यह गिरोह लोगों को रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर और करोड़ों रुपये का खेल दिखाकर अपने जाल में फंसाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के इस दलदल में फंसकर सर्वस्व गंवाने के बाद कई लोग मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
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