भू-माफिया से लेकर कोडीन सिंडिकेट तक... कौन है अमिताभ ठाकुर की जान का सबसे बड़ा दुश्मन?

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की जान को गंभीर खतरा? देवरिया जेल में मिले धमकी भरे पत्र के बाद आजाद अधिकार सेना ने की Z+ सुरक्षा की मांग

दिनांक: 3 फरवरी 2026

अचूक रणनीति, लखनऊ/देवरिया

आजाद अधिकार सेना ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन का दावा है कि देवरिया जेल से जल्द रिहा होने वाले अमिताभ ठाकुर की जान को भू-माफियाओं, संगठित अपराधियों और यहां तक कि जेल के भीतर से भी खतरा है। संगठन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से उन्हें तत्काल Z या Z+ श्रेणी की सुरक्षा देने की मांग की है।

जेल की सुरक्षा में बड़ी सेंध?

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि बीती 16 जनवरी 2026 को देवरिया जेल में अमिताभ ठाकुर के हाई-सिक्योरिटी बैरक के ठीक बाहर एक 'कंप्यूटर-टाइप' किया हुआ धमकी भरा पत्र मिला था।

एक पूर्व आईपीएस अधिकारी, जो हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद हो, वहां तक धमकी भरा पत्र पहुंचना जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संगठन ने इसे जेल सुरक्षा में बड़ी चूक करार दिया है।

बीमारी और रिहाई के बीच खतरे की आशंका

प्रेस नोट के अनुसार, अमिताभ ठाकुर को हाल ही में अदालतों से जमानत मिली है और उनके बी-वारंट निरस्त हो चुके हैं, जिसके बाद उनकी रिहाई आसन्न है। हालांकि, वे वर्तमान में गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

देवेन्द्र सिंह राणा ने डीजीपी और मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है, "अमिताभ ठाकुर ने कोडीन सिरप माफिया, मेरठ के भू-माफिया और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। मेरठ के भू-माफिया द्वारा दी गई धमकी पर लखनऊ के गोमती नगर थाने में पहले से एफआईआर दर्ज है। अब जब वे रिहा हो रहे हैं और इलाज के लिए उन्हें अस्पतालों और अदालतों के चक्कर काटने होंगे, तो उन पर हमले की आशंका कई गुना बढ़ गई है।"

क्या है प्रमुख मांगें?

संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का हवाला देते हुए आजाद अधिकार सेना ने शासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

 अमिताभ ठाकुर को तत्काल Z / Z+ श्रेणी या समकक्ष विशेष सुरक्षा दी जाए।उनके आवास, यात्रा, न्यायालय में पेशी और अस्पताल में इलाज के दौरान सशस्त्र सुरक्षा दस्ता तैनात रहे।एक समर्पित सुरक्षा समन्वय टीम का गठन किया जाए।

प्रशासन को सीधी चेतावनी

संगठन ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि बीमारी और खतरे के बावजूद यदि सुरक्षा में कोताही बरती गई और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

इस खबर में जांच (पड़ताल) के बिंदु:

यदि कोई पत्रकार इस पर फॉलो-अप स्टोरी करना चाहे, तो ये सवाल अहम हैं:

 जेल में पत्र कैसे पहुँचा? 16 जनवरी को देवरिया जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक के पास मिले पत्र की जेल प्रशासन ने अब तक क्या जांच की? सीसीटीवी फुटेज में क्या दिखा?

 खुफिया रिपोर्ट: क्या स्थानीय पुलिस या एलआईयू (LIU) ने अमिताभ ठाकुर की रिहाई पर खतरे का कोई इनपुट दिया है?

  स्वास्थ्य अपडेट: उनकी वर्तमान मेडिकल कंडीशन क्या है और क्या जेल अस्पताल उन्हें पर्याप्त सुरक्षा के साथ इलाज दे पा रहा था?



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1 टिप्पणियाँ

  1. अमिताभ ठाकुर को zश्रेणी की सुरक्षा अपरिहार्य है, प्रदेश सरकार यदि इस सुरक्षा विषयक तथ्य पर कोई कोताही करती है तो गृह मंत्रालय से लेकर पुलिस के आला अधिकारी तक (किसी भी अप्रिय घटना की दशा में) षडयंत्र के सहभागी होंगे ऐसा माना जायेगा।

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