अतुल राय, अमिताभ ठाकुर केस में इस समय हस्तपेक्ष उचित नहीं: हाई कोर्ट

 अतुल राय, अमिताभ ठाकुर केस में इस समय हस्तपेक्ष उचित नहीं: हाई कोर्ट 




इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व सांसद अतुल राय तथा पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर कथित रेप पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में चल रहे मुकदमे में वर्तमान समय में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है.


जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने यह आदेश अतुल राय द्वारा दायर याचिका में उनके अधिवक्ता विश्वजीत सिंह तथा सरकारी अधिवक्ता वीके शाही को सुनने के बाद पारित किया.


अतुल राय के अधिवक्ता ने कहा था कि आत्महत्या की घटना दिल्ली में घटी है, अतः इस मामले में लखनऊ में सुनवाई नहीं हो सकती है. साथ ही उन्होंने अतुल राय के लगातार जेल में बंद होने के कारण उनके तथा अमिताभ ठाकुर से किसी भी प्रकार के संपर्क नहीं होने और अभियोजन द्वारा ऐसा कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण अपराधिक षड्यंत्र की बात साबित करने में पूरी तरह विफल होने के कारण भी मुकदमे को समाप्त करने की बात कही थी.


अतुल राय के अधिवक्ता ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाए जाने के बुनियादी तथ्यों के पूरे अभाव की बात भी कही थी.


इसके विरोध में सरकारी अधिवक्ता ने इस मामले में मृतक पक्ष के लखनऊ में अमिताभ ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें बदनाम नहीं करने के लिए अनुरोध किए जाने की बात कहते हुए इस मामले का घटना स्थल लखनऊ होना बताया.


हाई कोर्ट में कहा कि 482 सीआरपीसी में मात्र अत्यंत विशिष्ट स्थितियों में ही मुकदमा खारिज किया जा सकता है और इस मामले में इसका प्रयोग उचित नहीं है.


हाई कोर्ट ने कहा कि अतुल राय द्वारा इस मामले में जो भी तथ्य कह गए हैं, उस पर ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्णय लिया जाएगा. हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.


संलग्न -- कोर्ट का आदेश 


डॉ नूतन ठाकुर 

प्रवक्ता

आजाद अधिकार सेना

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