चंदौली में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला, आरोपी को उम्रकैद
अशोक जायसवाल | चंदौली
चंदौली।उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में नाबालिग से दुष्कर्म के एक अत्यंत संवेदनशील मामले में POCSO न्यायालय ने कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता (POCSO) शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि यह मामला चंदौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है, जहां 14 मार्च 2025 की रात लगभग 12 बजे गांव निवासी सुभाष सोनकर पुत्र सुकालू ने अपनी पड़ोसी नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों द्वारा थाना चंदौली में मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवेचना पूर्ण की और ठोस साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की सुनवाई POCSO न्यायालय में माननीय न्यायाधीश अनुराग मिश्रा की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त का अपराध सिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने सुभाष सोनकर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष शासकीय अधिवक्ता शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत चंदौली जनपद का यह पहला ऐसा मामला है, जिसमें एक वर्ष के भीतर न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है। उन्होंने इस त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के लिए पुलिस अधीक्षक तथा विवेचना में शामिल पूरी पुलिस टीम की सराहना की।
यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
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