पिड़ित रितेश सिंह ने पुलिस आयुक्त से न्याय की लगाई लिखित गुहार, पैसा दिलाने का किया फरियाद |
| आरोपी प्रदीप कुमार सिंह |
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| यह आरोपी का आफिस हैं |
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई हैं। यहां एक बिल्डर प्रदीप कुमार सिंह ने न सिर्फ सिविल इंजिनियर रितेश सिंह को मारा - पीटा बल्कि उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए गोली मारकर जान लेने कि धमकी भी दिया हैं। बताते चले की सात समुन्दर पार अरब अमीरात के मसकट में सिविल इंजिनियर पद पर वर्षो से कार्यरत पीड़ित रितेश सिंह पुत्र महेश कुमार सिंह ग्राम व थाना- गहमर, जिला- गाजीपुर का मूल निवासी है। वर्तमान हाल पता मीरापुर बसहीं वाराणसी हैं। पीड़ित रितेश सिंह ( मो. नं. 9455862727) ने मंगलवार को वाराणसी के कचहरी परिसर स्थित महादेव लीगल चेम्बर, सीलिंग कोर्ट के पास, कलेक्ट्रेट परिसर ( जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे) में अपने अधिवक्ताओं के साथ एक पत्रकारवार्ता में मिडियाकर्मियों को बताया की बाबतपुर स्थित उसने अपने जमीन के आ. नं. 1407, रकबा 1.6020 हे0 में से स्वयं का वैधानिक अंश 0.1560 हे0 यानि 1578 वर्गमीटर जमीन का विक्रय कुछ वर्ष पूर्व सुनील पटेल व शिवलाल पटेल, ग्राम- करमी, थाना- फूलपुर, जिला- वाराणसी की मध्यस्थता में देवसिटी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स,एस.एल.पी, पता- एस. 10/6 मकबूल आलम रोड वाराणसी जरिए पार्टनर बिल्डर प्रदीप कुमार सिंह पुत्र कपिल देव सिंह निवासी एस. 10/ 251 आर -5 हुकुलगंज, चौकाघाट वाराणसी को कुल मूल्य 1,00,29400 (एक करोड़ उनतीस हजार चार सौ रूपये) में बेचा था, जिसमें से पीड़ित को कुल तय धनराशि में से मात्र 33,00,000 ( तैंतीस लाख) रुपए ही प्रदीप सिंह के अकाउंट से पीड़ित को प्राप्त हुआ है। शेष धनराशि 67,29400 ( सरसठ लाख उनतीस हजार चार सौ) रूपये बिल्डर प्रदीप सिंह ने कूटनीतिक तरीके से फ्राडगिरी करते हुए उसने बैनामे में चेक के माध्यम से देने को कहा तथा चेक भी दिया लेकिन चेक देने के बाद तुरंत बैनामे (रजिस्ट्री ) के दिन ही यह कहते हुए चेक वापस ले लिया कि इसमें कुछ गड़बड़ हो गया है मैं आपको (पीड़ित ) एक-दो दिन में दूसरा चेक दे दूंगा। पीड़ित रितेश सिंह ने प्रदीप सिंह की बातों पर विश्वास करके मानवतावश उक्त संपत्ति का बैनामा (रजिस्ट्री) कर दिया। इसके बाद पीड़ित कई बार बकाया पैसा/ चेक वापस मांगने प्रदीप सिंह के पास गया लेकिन उसने पैसा/ चेक नहीं दिया और टाल-मटोल करके गुमराह करता रहा, और अंततः 67,29400 रुपया उसने वापस नहीं दिया। पीड़ित ने बिल्डर पर यह भी आरोप लगाया हैं कि ज़ब वह दिनांक 26 अगस्त 2025 को पुनः अपना बकाया रूपये मांगने प्रदीप कुमार सिंह के देवसिटी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के ऑफिस मकबूल आलम रोड, वाराणसी पहुंचा तो उक्त प्रदीप सिंह ने पीड़ित सिविल इंजिनियर रितेश सिंह को देखते ही आग बबूला होकर उनसे अभद्रतापूर्ण बातें करने लगा, जिस पर पीड़ित ने विरोध किया तो प्रदीप ने पीड़ित को मां-बहन की गाली देते हुए अपने आफिस के मेज पर रखा पेपर वेट को चलाकर पीड़ित के सीने पर जोर से मार दिया, और कहने लगा कि यहां से भाग जाओ। मैं तुम्हारा कोई पैसा नहीं दूंगा। मैं तुम्हारा पैसा भी हड़प लिया और जमीन भी, तुम्हे जो करना हो, जहाँ जाना हैं जाओ। पीड़ित हाथ जोड़कर पैसे लेने के लिए खड़ा था तब प्रदीप ने कहा कि म******द भाग जाओ नहीं तो यही गोली मार दूंगा और तुरंत पीड़ित के आंखों पर लगा चश्मा नोचकर जमीन पर पटककर तोड़ दिया। पीड़ित ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। पीड़ित उक्त घटना से काफी भयभीत और डरा- सहमा है। उसने मिडियाकर्मियों को बताया कि क्योंकि प्रदीप कुमार सिंह दबंग व मनबढ़ किस्म का व्यक्ति है जो उक्त बकाया रुपया ना देना पड़े इसके लिए वह कुछ भी कर सकता है। वह किसी भी अमानवीय स्तर तक जा सकता हैं। इसी संदर्भ में पीड़ित ने सोमवार को पुलिस आयुक्त से गुहार लगाते हुए एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया है जिससे कि पीड़ित को न्याय मिल सके और उसका जितना भी बकाया पैसा/ रुपया है उसे अविलम्ब दिलाया जा सके। इतना ही नहीं अरब अमीरात के मसकट में सिविल इंजिनियर की नौकरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाला पीड़ित यह चाहता है कि प्रदीप सिंह ने जो भी उसके साथ दुर्व्यवहार, जान से मारने कि धमकी, गाली- गलौज, मारपीट किया है उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्जकर कड़ी से कड़ी सजा उसे मिले और पीड़ित के जान -माल कि सुरक्षा हो सके। जिससे किसी अन्य व्यक्ति के साथ प्रदीप सिंह घटना कि पुनरावृति न कर सके। हमारे जैसे पता नहीं कितने अन्य लोगों को वर्षो से गुमराह करके, फर्जी तरीके से फ्राडगिरी करके उनका पैसा, जमीन लेकर प्रदीप सिंह (मो.नं. 9839381381, 6387864345) ने अपनी काफ़ी चल-अचल सम्पत्ति बना लिया हैं, इसकी भी जनहित में निष्पक्ष जाँच/ कार्यवाई होनी चाहिए। अब देखना यह हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर कब तक ऐसे बिल्डरों के आशियानो पर चलता हैं। कब तक पीड़ितों को न्याय और दोषियों को सलाखे मिलती हैं।