हर मजलूमों के हैं मददगार, बिना भेदभाव करते हैं अखिलेश यादव सहयोग प्यार-

 हर मजलूमों के हैं मददगार, बिना भेदभाव करते हैं अखिलेश यादव सहयोग प्यार-




खुशी दुबे रिहा हो गई है। वही खुशी दुबे, जिसे कानपुर के बिकरू कांड के बाद शादी के चंद दिनों के भीतर साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था। अब वह छूटकर आई है और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आभार प्रकट कर रही है। जानते हैं क्यों क्योंकि हमेशा की तरह अखिलेश यादव सत्ता में न रहते हुए भी हर फरियादी के लिए फरिश्ते बन जाते हैं। 

हुआ यह कि खुशी दुबे की मां गायत्री को इलाज की जरूरत थी, कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इलाज में देरी हो रही थी। इसके बाद खुशी दुबे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मदद मांगी। अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने इलाज और दवाओं का पूरा खर्च वहन किया और ऑपरेशन कराया गया। अब खुशी की मां की हालत स्थिर है और उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए सपा प्रमुख का धन्यवाद किया है। 

मैं बार-बार कहता हूं, हजार बार कहूंगा कि अखिलेश यादव जैसा मुख्यमंत्री मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रदेश को जो सौगातें दी हैं, वे अपने आप में नजीर हैं। उससे भी इतर यह कि अखिलेश यादव हर उस व्यक्ति की मदद करते हैं जो उनसे मदद की गुहार लगाता है बिना भेदभाव, बिना शोर, बिना उसे प्रचारित किए। 

भले ही वे पीडीए की बात करते हों, मगर व्यवहार में वे हर समाज को साथ लेकर चलने वाले सुलझे और सरल व्यक्ति हैं। उनकी दरियादिली सहृदयता के ऐसे अनेक उदाहरण हैं जिन्हें वे कभी सार्वजनिक नहीं करते और न ही उनका सियासी लाभ लेते हैं। मैं सपा समर्थक नहीं हूं, मगर अखिलेश भइया के प्रति सदैव कृतज्ञ रहूंगा। कोरोना काल में मैं परेशान था तब दर्जनों भाइयों ने सहयोग संबल दिया जिनमें मेरे अजीज़ मित्र दिवंगत मछलीशहर सांसद रामचरित्र निषाद भी थें।

उस वक्त जब अपनी माता जी के निधन से मर्माहत और परेशान था, मैंने अखिलेश भईया को मात्र सूचना एक मैसेज किया और तत्काल उनका व्हाट्सएप कॉल आया। शोक संवेदना प्रकट करने के साथ बार-बार कहते रहे क्या जरूरत है बताओ, संकोच मत करो। हालांकि मैंने संकोचवश विनम्रता से सहयोग लेने से मना कर दिया, मगर उनकी आत्मीयता से मेरा मन कृतज्ञता से भर गया। 

आखिर मेरा वजूद, मेरा कद उनके सामने है ही क्या, उनको मुझसे लाभ है ही क्या मगर उन्होंने मुझे पूरा सम्मान और भरोसे का प्रमाण दिया। अखिलेश यादव अच्छे नहीं, बहुत अच्छे दिल के साफ और स्पष्टवादी व्यक्ति हैं। उनके सरकार के प्रथम कार्यकाल में जो कमियां और शिकायतें थीं, खासकर नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर, अब वह सब लगभग शून्य हो चुकी हैं। 

अखिलेश यादव की एक कमी या खूबी कह लीजिए कि वे तनिक तुनकमिजाज हैं और जिसके साथ होते हैं, पूरी शिद्दत से होते हैं और जिसके साथ नहीं होते, उसकी ओर मुड़कर देखते तक नहीं। वह देश के उन विरले मुख्यमंत्रियों में हैं जिनकी संवेदना सत्ता की कुर्सी की मोहताज नहीं होती। आज वह सत्ता में नही हैं कल को सत्ता में आएंगे तो मेरी कलम में मेरी उनके प्रति कृतज्ञता नही दिखेगी जो उनके सरकार की कमियां होंगी उसे वैसे ही अखबार में उकेरूँगा क्योंकि अखिलेश यादव अखबारी सरकारी आलोचना को व्यक्तिगत नही लेते पत्रकारों के प्रति मुंहफट हैं मगर साजिश नहीं करतें।

विनय मौर्या 

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अखिलेश यादव की दरियादिली (Akhilesh Yadav Kindness)

खुशी दुबे की मां का इलाज (Khushi Dubey Mother Treatment)

अखिलेश यादव व्हाट्सएप कॉल (Akhilesh Yadav WhatsApp Call)

सपा प्रमुख की संवेदनशीलता (SP Chief Sensitivity)

बिना भेदभाव मदद (Help without discrimination)

विनय मौर्या बनारस लेख (Vinay Maurya Banaras Post)


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